शाखा प्रबंधक ने दिए जांच के निर्देश, कियोस्क का लाइसेंस रद्द करने और पुलिस कार्रवाई की चेतावनी
मझौली जबलपुर
मझौली स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की एक कियोस्क शाखा में ग्राहक के साथ हुई धोखाधड़ी का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। ग्राम निवासी कीर्ति बाई दहिया ने कियोस्क संचालक शरद सोनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि संचालक ने उनके खाते से अधिक राशि निकालकर उन्हें कम पैसे दिए और पासबुक में फर्जी प्रविष्टि (Entry) कर दी।
ऐसे हुआ हेराफेरी का खुलासा
पीड़िता कीर्ति बाई के अनुसार, वह अपनी जमा राशि निकालने के लिए शरद सोनी के कियोस्क सेंटर पहुंची थीं। संचालक ने उनके खाते से 5000 रुपये की निकासी की, लेकिन भुगतान के समय उन्हें केवल 2500 रुपये ही दिए गए। पीड़िता को शक न हो, इसके लिए संचालक ने डिजिटल या कंप्यूटर प्रिंटेड एंट्री करने के बजाय पासबुक में पेन से ही 2500 रुपये लिख दिए।
मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता ने मुख्य बैंक शाखा जाकर अपना खाता स्टेटमेंट निकलवाया। स्टेटमेंट में 5000 रुपये की निकासी दर्ज थी, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि संचालक ने धोखे से आधी राशि खुद रख ली।
ग्रामीणों में आक्रोश: अनपढ़ लोगों को बनाया जा रहा निशाना
इस घटना के बाद मझौली के क्षेत्रीय ग्रामीणों में खासा आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कम पढ़े-लिखे लोगों और बुजुर्गों को निशाना बनाना एक सोची-समझी साजिश हो सकती है। डिजिटल इंडिया के दौर में पासबुक पर पेन से एंट्री करना पूरी तरह से संदिग्ध और अवैध है।
बैंक प्रबंधन सख्त, लाइसेंस रद्द करने की तैयारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय स्टेट बैंक, मझौली के शाखा प्रबंधक राजेन्द्र साक़िया ने त्वरित कार्रवाई की बात कही है।
हमें पीड़िता की लिखित शिकायत मिली है। कियोस्क केंद्रों के लिए सख्त निर्देश हैं कि वे पासबुक में हस्तलिखित (पेन से) एंट्री नहीं कर सकते। मामले की प्राथमिक जांच शुरू कर दी गई है और संबंधित संचालक से स्पष्टीकरण मांगा गया है। यदि आरोप सही पाए गए, तो कियोस्क का लाइसेंस रद्द करने के साथ-साथ पुलिस में मामला दर्ज करने की अनुशंसा भी की जाएगी।”
राजेन्द्र साक़िया, शाखा प्रबंधक, एसबीआई मझौली
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बैंक की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और क्या पीड़िता को उनके पैसे वापस मिल पाते हैं।




