कटनी जिले के विलायतकला केंद्र के अंतर्गत आने वाले लक्ष्य वेयर हाउस और बमिका वेयर हाउस में रबी फसल खरीदी के दौरान भारी अनियमितताओं का मामला गरमाता जा रहा है।
कटनी
केंद्र प्रभारी लखन पटेल पर किसानों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कमीशनखोरी के चक्कर में शासन के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
नियमों के मुताबिक, उपार्जन केंद्र पर फसल की गुणवत्ता जांचने और उसकी उचित थ्रेसिंग व छनाई के बाद ही तौल की जानी चाहिए। लेकिन स्थानीय किसानों का आरोप है कि केंद्र प्रभारी लखन पटेल की मिलीभगत से बिना किसी सफाई के चना सीधे बोरियों में भरा जा रहा है। किसानों का कहना है कि जो किसान ‘कमीशन’ देने को तैयार हैं, उनकी उपज बिना किसी मापदंड के खरीदी जा रही है, जिससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
पीड़ित किसानों ने बताया कि यदि कोई किसान इस अव्यवस्था या नियमों की अनदेखी पर आपत्ति दर्ज कराता है, तो केंद्र पर उसकी उपज की तौल में जानबूझकर देरी की जाती है। किसानों को घंटों इंतजार कराकर मानसिक रूप से परेशान किया जाता है ताकि वे सिस्टम के आगे झुकने को मजबूर हो जाएं।
यह पहली बार नहीं है जब लखन पटेल विवादों के घेरे में हैं। गौरतलब है कि पिछले वर्ष मूंग खरीदी के दौरान भी उन पर वित्तीय अनियमितताओं और गड़बड़ी के आरोप लगे थे। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि शिकायतों के बावजूद उन्हें दोबारा खरीदी प्रभारी की जिम्मेदारी किसके संरक्षण में दी गई है? क्या जिम्मेदार अधिकारी भी इस पूरे ‘खेल’ में शामिल हैं?
लगातार हो रही शिकायतों के बाद अब क्षेत्र के किसानों ने जिला प्रशासन और कलेक्टर से इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। किसानों का कहना है कि:
उपार्जन केंद्रों पर तत्काल सीसीटीवी कैमरों और अधिकारियों की निगरानी बढ़ाई जाए।
नियमों का उल्लंघन करने वाले केंद्र प्रभारी पर सख्त कार्रवाई की जाए।
पिछले वर्ष की शिकायतों और वर्तमान स्थिति की उच्च स्तरीय जांच हो।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन आरोपों पर क्या संज्ञान लेता है या फिर किसान इसी तरह व्यवस्था की मार झेलते रहेंगे।
रिपोर्ट: ब्यूरो चीफ, मझौली दर्पण न्यूज कटनी




