गरीब महिलाओं से अंगूठा लगवाकर बेची सरकारी पट्टे की जमीन, SDM कोर्ट ने रजिस्ट्री शून्य कराने के दिए आदेश

भूदान की जमीन पर ‘भूमि स्वामी’ का खेल उजागर:

सिहोरा/मझौली (जबलपुर)

मझौली तहसील के ग्राम खबरा में भूदान यज्ञ बोर्ड की अहस्तांतरणीय जमीन को राजस्व तंत्र की मिलीभगत से ‘भूमि स्वामी’ मद में दर्ज कर खुर्द-बुर्द करने का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। अशिक्षित गरीब महिलाओं को झांसे में लेकर कराई गई फर्जी रजिस्ट्री पर संज्ञान लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सिहोरा की अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। एसडीएम न्यायालय ने तत्कालीन तहसीलदार के नामांतरण आदेश को गंभीर विधिक त्रुटि करार देते हुए वर्ष 2013 की रजिस्ट्री निरस्त कराने के लिए सिविल कोर्ट में वाद दायर करने और रिकॉर्ड में पुनः “भूदान धारी अहस्तांतरणीय” दर्ज करने का आदेश जारी किया है।

अंगूठा लगवाकर हड़पी पैतृक जमीन

ग्राम खबरा निवासी पीड़िता मैनाबाई, पार्वतीबाई, बख्तीबाई, उमाबाई और गुड्डन बाई (वारिसान स्व. बैसाखू मेहरा) ने एसडीएम न्यायालय में न्याय की गुहार लगाई थी। पीड़ितों के अनुसार:

 * उनके पिता बैसाखू मेहरा को खसरा क्रमांक 381 (रकबा 0.68 हेक्टेयर) भूदान यज्ञ बोर्ड के तहत पट्टे पर मिला था।

 * पिता के निधन के बाद दलालों ने अशिक्षित महिलाओं की बेबसी का फायदा उठाया और दस्तावेजों पर अंगूठे लगवा लिए।

 * इसके बाद फर्जी विक्रय पत्र के जरिए जमीन शशि अरोड़ा (निवासी सलैया फाटक, बहोरीबंद / हाल निवासी नारायण विहार, नई दिल्ली) के नाम दर्ज करा दी गई।

दस्तावेजों में ऐसे हुआ फर्जीवाड़ा

एसडीएम न्यायालय की जांच और तहसीलदार मझौली के प्रतिवेदन में सामने आए प्रमुख तथ्य:

 * 1972 से 2012 तक की स्थिति: वर्ष 1972-73 में जमीन ‘भूदान बोर्ड समिति नरसिंहपुर’ के नाम दर्ज थी। वर्ष 1975-76 में पट्टा मिलने के बाद 2011-12 तक यह राजस्व रिकॉर्ड में “भूदान धारी” के रूप में ही दर्ज रही।

 * 2013 का विवादित खेल: फौती नामांतरण के दौरान तत्कालीन तहसीलदार मझौली ने नियम विरुद्ध आदेश (प्रकरण क्रमांक 7130/बी-121/2012-13, दिनांक 10/05/2013) पारित कर वारिसों को ‘भूदान धारी’ की जगह सीधे ‘भूमि स्वामी’ दर्ज कर दिया।

 * महीने भर में रजिस्ट्री: भूमि स्वामी दर्ज होते ही 06 जून 2013 को आनन-फानन में विक्रय पत्र (क्रमांक A1/344) निष्पादित कर अनावेदिका के पक्ष में नामांतरण भी कर दिया गया।

अनावेदिका गैरहाजिर, एकपक्षीय आदेश

एसडीएम कोर्ट द्वारा अनावेदिका शशि अरोड़ा को पंजीकृत डाक से नोटिस जारी कर तलब किया गया था, लेकिन उनके उपस्थित न होने पर न्यायालय ने साक्ष्यों व राजस्व नियमों के आधार पर एकपक्षीय आदेश पारित किया।

एसडीएम कोर्ट के प्रमुख निर्देश

 * रजिस्ट्री होगी शून्य: तहसीलदार मझौली को 06 जून 2013 के पंजीकृत विक्रय पत्र को शून्य घोषित कराने हेतु सक्षम सिविल न्यायालय में तत्काल वाद दायर करने के निर्देश दिए गए।

 * रिकॉर्ड सुधार: खसरा नंबर 381 के राजस्व रिकॉर्ड में तत्काल “भूदान धारी अहस्तांतरणीय” दर्ज करने का आदेश दिया गया।

 * दोषियों पर कार्रवाई: तत्कालीन जिम्मेदार अधिकारियों और बिचौलियों पर दंडात्मक व प्रशासनिक कार्रवाई के लिए विस्तृत प्रतिवेदन कलेक्टर जबलपुर को प्रेषित किया गया है।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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