भोपाल संचालनालय के निर्देश पर सीएमएचओ ने जारी किया कड़ा फरमान; ग्रामीण इलाकों के अस्पतालों में सुधरेंगी स्वास्थ्य सेवाएं

स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप: जबलपुर में पैरामेडिकल स्टाफ का अटैचमेंट तत्काल प्रभाव से रद्द, मूल केंद्रों पर लौटना अनिवार्य

जबलपुर

जबलपुर जिले के सरकारी अस्पतालों में वर्षों से ‘सुविधा’ के नाम पर चल रहे अटैचमेंट (संलग्नीकरण) के खेल पर स्वास्थ्य विभाग ने आखिरकार कड़ा प्रहार किया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) जबलपुर ने एक आदेश जारी कर जिले के सभी सिविल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में अटैच किए गए पैरामेडिकल स्टाफ का संलग्नीकरण तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। आदेश जारी होते ही लंबे समय से मनपसंद जगहों पर डटे कर्मचारियों में खलबली मच गई है।

भोपाल के निर्देश पर सख्त कार्रवाई

यह कार्रवाई संचालनालय लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, मध्य प्रदेश (भोपाल) के कड़े निर्देशों के अनुपालन में की गई है। सीएमएचओ कार्यालय द्वारा जारी आदेश क्रमांक 12350 में स्पष्ट हिदायत दी गई है कि जो भी पैरामेडिकल कर्मचारी अपने मूल पदस्थापना स्थल को छोड़कर अन्य स्थानों पर संलग्नीकरण के जरिए सेवाएं दे रहे थे, वे फौरन अपने मूल कार्यस्थल पर पहुंचकर आमद दर्ज कराएं। लापरवाही बरतने या आदेश की अवहेलना करने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

कागजों में तैनाती कहीं, ड्यूटी कहीं और

स्वास्थ्य विभाग में लंबे समय से यह परिपाटी बनी हुई थी कि कर्मचारियों की नियुक्ति तो सुदूर ग्रामीण व आदिवासी अंचलों के प्राथमिक या सामुदायिक केंद्रों पर होती थी, लेकिन वे अपनी पहुंच और रसूख के दम पर शहरी व सुविधाजनक सिविल अस्पतालों में अटैचमेंट करवा लेते थे। इसका सीधा खामियाजा ग्रामीण मरीजों को भुगतना पड़ रहा था, जहां कई केंद्र स्टाफ की भारी किल्लत के चलते महज रेफरल सेंटर बनकर रह गए थे।

सुदूर अंचलों में मजबूत होंगी स्वास्थ्य सेवाएं

इस निर्णय के बाद अब ग्रामीण और उपनगरीय स्वास्थ्य केंद्रों पर पैरामेडिकल स्टाफ की कमी दूर होने की उम्मीद है। लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट, ड्रेसर और नर्सिंग अमले के मूल केंद्रों पर वापस लौटने से स्थानीय स्तर पर ही जांच, दवा वितरण और प्राथमिक उपचार की सुविधाएं नियमित रूप से मिलने लगेंगी। मरीजों को मामूली इलाज के लिए जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।

अफसरों को कड़ाई से पालन के निर्देश

सीएमएचओ ने आदेश की प्रतिलिपि आयुक्त स्वास्थ्य (भोपाल), वरिष्ठ संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय संचालक (जबलपुर संभाग) के साथ-साथ जिले के समस्त सीबीएमओ, बीएमओ और अस्पताल प्रभारियों को प्रेषित की है। सभी प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने अधीन अटैच कर्मचारियों को अविलंब कार्यमुक्त करें और मूल पदस्थापना स्थल पर उनकी उपस्थिति सुनिश्चित कराएं।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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