जिले में पंचायती राज व्यवस्था के तहत वित्तीय अनुशासन बनाए रखने और आर्थिक गड़बड़ियों पर लगाम कसने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है।
कटनी
जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने शुक्रवार को मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 89 के अंतर्गत बड़ी कार्रवाई करते हुए सात ग्राम पंचायतों के विरुद्ध सुनवाई की।
सुनवाई के दौरान तीन अलग-अलग प्रकरणों से जुड़ी सात पंचायतों के जिम्मेदारों को तलब किया गया था:
जनपद पंचायत कटनी: ग्राम पंचायत हीरापुर कोड़ियां।
जनपद पंचायत बड़वारा: ग्राम पंचायत बनगवा।
जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा: ग्राम पंचायत सनकुई, खमतरा, इमलिया, लालपुर और बरही।
जिला पंचायत कार्यालय में आयोजित इस ‘वन-टू-वन’ सुनवाई में इन पंचायतों के तत्कालीन एवं वर्तमान सरपंच, सचिव, ग्राम रोजगार सहायक (GRS) और उपयंत्री (Sub-Engineer) उपस्थित रहे। सीईओ सुश्री कौर ने प्रत्येक पंचायत के पक्ष को धैर्यपूर्वक सुना और उनके द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों का गहनता से सूक्ष्म परीक्षण किया।
बता दें कि अधिनियम की धारा 89 के तहत यह सुनवाई वित्तीय नुकसान की भरपाई और अनियमितताओं के निर्धारण के लिए की जाती है। यदि सुनवाई और दस्तावेजों के परिशीलन में आरोप सिद्ध होते हैं, तो संबंधित दोषियों से राशि की वसूली की जाएगी।
सुनवाई के दौरान रीडर शाखा के प्रभारी अधिकारी पंकज नामदेव भी मौजूद रहे, जिन्होंने अभिलेखों के मिलान और तकनीकी प्रक्रिया में सहयोग किया। जिला पंचायत सीईओ की इस सक्रियता से भ्रष्ट कार्यप्रणाली वाले पंचायत कर्मियों और जनप्रतिनिधियों में हड़कंप मचा हुआ है।




