किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीदे जा रहे गेहूं के प्रबंधन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है
जबलपुर
शनिवार को जिला उपार्जन समिति की बैठक में कलेक्टर श्री राघवेंद्र सिंह ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि गेहूं के परिवहन और भंडारण में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भंडारण के बाद तुरंत ‘स्वीकृति पत्रक’ जारी किए जाएं ताकि किसानों को उनके हक का पैसा समय पर मिल सके।
बिचौलियों और व्यापारियों पर रहेगी ‘नीली नज़र’
कलेक्टर ने अधिकारियों को रात में भी केंद्रों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सचेत किया कि बिचौलिए या व्यापारी किसानों की आड़ में अपना गेहूं न खपा सकें। यदि कहीं भी अनियमितता या लापरवाही पाई गई, तो तुरंत दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। केंद्रों पर केवल वास्तविक किसानों से ही ‘एफएक्यू’ (FAQ) गुणवत्ता का गेहूं खरीदने की हिदायत दी गई है।
सर्वर की समस्या से परेशान किसानों को बड़ी राहत
बैठक में किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। जिन किसानों की तौल पर्ची कट चुकी है, लेकिन सर्वर की खराबी के कारण पोर्टल पर एंट्री नहीं हो पाई और स्लॉट की अवधि समाप्त हो गई है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसे किसानों के स्लॉट की अवधि अब ‘डीएसओ लॉगिन’ के माध्यम से बढ़ाई जा रही है।
यदि किसी केंद्र पर किसानों की संख्या बहुत अधिक है और वहां भीड़ बढ़ रही है, तो किसान अपनी सहमति से अपना स्लॉट पास के दूसरे केंद्र पर ट्रांसफर करा सकते हैं। इसके लिए किसान स्वयं भी सहायक आपूर्ति अधिकारी को आवेदन दे सकते हैं।
अब तक का लेखा-जोखा (जबलपुर जिला):कुल उपार्जन: लगभग 12 लाख क्विंटल गेहूं।
लाभान्वित किसान: 20 हजार 680 किसानों से खरीदी।
कुल भुगतान: अब तक 114 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
पंजीकरण: जिले में कुल 50,788 किसानों ने पंजीयन कराया है, जिनमें से 36,946 स्लॉट बुक कर चुके हैं।
बैठक में नोडल अधिकारी ऋषभ जैन, प्रभारी जिला आपूर्ति नियंत्रक सीमा बोरसिया सहित उपार्जन समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
संपादक, मझौली दर्पण न्यूज़




