अन्नपूर्णा वेयरहाउस में फिर बड़ा फर्जीवाड़ा: 2024-25 का पुराना और घुन लगा गेहूं खपाने का खेल, सर्वेयरों की जांच में खुली पोल

विवादों के बावजूद कराया गया था भंडारण, अब निकासी के दौरान निकल रहा सड़ा-गला अनाज; प्रशासन की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल

मझौली/जबलपुर।

लगातार विवादों और घपले-घोटालों की सुर्खियों में रहने वाले अन्नपूर्णा वेयरहाउस खरीद केंद्र में एक बार फिर बड़ा कारनामा सामने आया है। पूर्व में हुए घोटालों के बावजूद शासन-प्रशासन द्वारा इसी वेयरहाउस में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए गेहूं का बड़े पैमाने पर भंडारण कराया गया था। अब जब इस भंडारित अनाज की निकासी शुरू हुई है, तो सर्वेयरों की जांच में वर्ष 2024-25 का पुराना, सड़ा-गला और कीड़े लगा गेहूं पाया जा रहा है। खराब गुणवत्ता के इस अनाज को खपाने की कोशिश ने पूरे उपार्जन तंत्र और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जांच में सामने आई हकीकत

वेयरहाउस से गेहूं की निकासी के दौरान जब अधिकृत सर्वेयरों ने बोरियों की गुणवत्ता की जांच की, तो परत-दर-परत धांधली उजागर हो गई:

 * कीड़ा और घुन लगा अनाज: बोरियों में भरा गेहूं गुणवत्ता के तय मानकों पर पूरी तरह फेल साबित हुआ है; अनाज में भारी मात्रा में घुन और कीड़े रेंगते पाए गए।

 * पुराने सत्र (2024-25) का स्टॉक: जांच के दौरान स्पष्ट हुआ कि वर्तमान सत्र के नाम पर वर्ष 2024-25 का पुराना और अवमानक गेहूं वेयरहाउस में छिपाकर रखा गया था, जिसे अब व्यवस्थित तरीके से बाहर निकाला जा रहा था।

 * मानकों की अनदेखी: खरीदी और भंडारण के समय तय एफएक्यू (FAQ) मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गईं।

काली सूची की जगह मिला ‘संरक्षण’

स्थानीय नागरिकों और किसानों का कहना है कि अन्नपूर्णा वेयरहाउस केंद्र शुरुआत से ही घोटालों और अनियमितताओं का केंद्र रहा है। पूर्व में उजागर हुए मामलों के बाद वेयरहाउस संचालक और संबंधित जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए थी, लेकिन इसके उलट जिम्मेदार अधिकारियों ने मिलीभगत कर दोबारा यहीं भारी मात्रा में गेहूं का भंडारण करा दिया।

अधिकारियों की चुप्पी, साठगांठ की बू

इतने बड़े पैमाने पर खराब और कीड़े युक्त गेहूं का भंडारण अधिकारियों के सत्यापन के बिना संभव नहीं है। जब अनाज केंद्र पर पहुंचा था, तब किस अधिकारी ने इसे प्रमाणित किया और अब जब पुराना सड़ा अनाज बाहर आ रहा है, तो जिम्मेदार मौन क्यों साधे हुए हैं? यह सीधे तौर पर सरकारी राजस्व को चूना लगाने और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के जरिए आम जनता को सड़ा अनाज परोसने की सुनियोजित साजिश की ओर इशारा करता है।

अन्नपूर्णा वेयरहाउस में उजागर हुए इस नए फर्जीवाड़े के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश है। मांग की जा रही है कि पूरे भंडारण और निकासी प्रक्रिया की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए, खराब गेहूं को जब्त किया जाए और वेयरहाउस प्रबंधन सहित दोषी अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर वेयरहाउस को तत्काल ब्लैकलिस्ट किया जाए।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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