तहसीलों में सक्रिय दलालों के सिंडिकेट ने भगवान की जमीन भी नहीं छोड़ी: पनागर में 54 एकड़ का रकबा कागजों में घटाकर किया 10 एकड़

राजस्व रिकॉर्ड से 44 एकड़ बेशकीमती भूमि ‘गायब’, भू-माफिया और भ्रष्ट तंत्र की मिलीभगत उजागर; भारतीय किसान संघ ने कलेक्टर से की रिसीवर नियुक्त करने की मांग

जबलपुर

जिले के राजस्व महकमे में सक्रिय दलालों और भू-माफिया के सिंडिकेट ने अब आस्था के केंद्रों को भी अपना शिकार बनाना शुरू कर दिया है। तहसीलों में ‘सेटिंग’ और मोटी रकम के दम पर सरकारी रिकॉर्ड में मनमाफिक फेरबदल का एक बड़ा घोटाला पनागर तहसील में उजागर हुआ है। यहां ग्राम मटियाकुई में भगवान रामचंद्र जी मंदिर के स्वामित्व वाली लगभग 55 एकड़ बेशकीमती जमीन को खसरों की बाजीगरी के जरिए महज 10 एकड़ में समेट दिया गया।

इस गंभीर फर्जीवाड़े को लेकर भारतीय किसान संघ (महाकौशल प्रांत) ने मोर्चा खोलते हुए सीधे प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।

खसरों की बाजीगरी: 44.67 एकड़ जमीन निगल गया तंत्र

भारतीय किसान संघ महाकौशल प्रांत के कार्यालय मंत्री आलोक कुमार पटेल ने दस्तावेजों के हवाले से बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि तहसील पनागर अंतर्गत पटवारी हल्का नंबर 13, ग्राम मटियाकुई में भगवान रामचंद्र जी के नाम राजस्व अभिलेखों में कुल 54 एकड़ 67 डिसमिल जमीन दर्ज थी। भू-माफियाओं ने राजस्व अमले से साठगांठ कर खसरों में इस तरह हेराफेरी की कि वर्तमान में उन्हीं खसरों का कुल रकबा घटकर मात्र 10 एकड़ रह गया है।

आलोक पटेल ने तीखा प्रहार करते हुए कहा, “भगवान के नाम दर्ज 44 एकड़ से अधिक बेशकीमती उपजाऊ जमीन को आखिर कौन निगल गया? जब जिले के समस्त मंदिर देवस्थानों के मुख्य प्रबंधक स्वयं जिलाधीश (कलेक्टर) हैं, तब प्रशासन की नाक के नीचे खुलेआम कागजों में करोड़ों की जमीन का यह डाका कैसे डल गया?”

तहसीलों में दलालों का समानांतर राज, आम जनता के दस्तावेज भी खतरे में

किसान संघ ने आरोप लगाया कि जबलपुर जिले की तहसीलों में राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर कराने वाले बिचौलियों का समानांतर नेटवर्क चल रहा है। मोटी रकम लेकर खसरों और नक्शों को खुर्द-बुर्द किया जा रहा है। हालात यह हैं कि जब भगवान और देवस्थानों के अभिलेख सुरक्षित नहीं हैं, तो आम किसानों और नागरिकों के जमीन संबंधी दस्तावेजों की सुरक्षा पर गंभीर सवालिया निशान लग गया है। जिले भर में औने-पौने दामों और फर्जी प्रविष्टियों के सहारे मंदिर भूमियों को हड़पने का संगठित खेल जारी है।

दूध का दूध और पानी का पानी करे प्रशासन: संघ की दो टूक मांगें

 * तत्काल रिसीवर की नियुक्ति: मंदिर की शेष बची जमीन और खुर्द-बुर्द रकबे के संरक्षण हेतु प्रशासन तत्काल शासकीय रिसीवर नियुक्त करे।

 * उच्चस्तरीय एसआईटी जांच: पनागर सहित जिले भर की सभी देवस्थान भूमियों के मूल व वर्तमान खसरों का मिलान कर निष्पक्ष जांच कराई जाए।

 * आय-व्यय का श्वेतपत्र: मंदिर की जमीनों से विगत वर्षों में हुई फसलों की नीलामी और आय-व्यय के पूरे ब्योरे की सार्वजनिक जांच हो।

 * दोषियों पर आपराधिक प्रकरण: रिकॉर्ड गायब करने और कूटकरण (Forgery) करने वाले दलालों व संलिप्त राजस्व अधिकारियों/कर्मचारियों पर सीधे एफआईआर दर्ज हो।

भारतीय किसान संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जिला प्रशासन ने शीघ्र इस पूरे मामले में सख्त वैधानिक कार्रवाई और भूमि की मूल स्थिति बहाल नहीं की, तो किसानों व ग्रामीणों को लामबंद कर कलेक्ट्रेट का घेराव और उग्र आंदोलन किया जाएगा।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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