सीएमएचओ के आदेश को बीएमओ ने दिखाया ठेंगा: मझौली सीएचसी में एमपीडब्ल्यू का अवैध अटैचमेंट, मुरैठ में स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी

 फील्ड वर्कर को मुख्यालय में सौंपा मलाईदार प्रभार, गांव में सर्वे और पोर्टल एंट्री ठप

 * आदेश क्र. 382 की उड़ाई धज्जियां, ग्रामीणों ने कलेक्टर से की बीएमओ पर कार्रवाई की मांग

मझौली (जबलपुर)।

स्वास्थ्य विभाग में बैठे जिम्मेदार किस कदर उच्चाधिकारियों के आदेशों को हवा में उड़ाते हैं, इसका प्रत्यक्ष प्रमाण मझौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में देखने को मिल रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) जबलपुर के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) मझौली ने नियमों को ताक पर रखकर एक बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता (MPW) को अवैध रूप से अटैच कर रखा है। मुख्यालय में इस ‘खास मेहरबानी’ के चलते सुदूर ग्रामीण अंचल में प्राथमिक स्वास्थ्य ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है।

आदेश ताक पर, फील्ड कर्मी को दिया ‘मलाईदार’ प्रभार

सीएमएचओ जबलपुर ने 27 मई 2026 को आदेश क्रमांक 382 जारी कर जिले की सभी स्वास्थ्य इकाइयों में वर्षों से जमे कर्मचारियों के अटैचमेंट तत्काल प्रभाव से निरस्त करने और उन्हें मूल पदस्थापना स्थल पर भेजने के सख्त निर्देश दिए थे। इसके बावजूद बीएमओ मझौली की मनमानी बदस्तूर जारी है। उप स्वास्थ्य केंद्र मुरैठ (लमकना) में पदस्थ एमपीडब्ल्यू सुधीर गौतम को फील्ड में भेजने के बजाय सीएचसी मझौली में अटैच कर मलेरिया शाखा का प्रभारी बना दिया गया है। सवाल यह उठ रहा है कि जिस फील्ड संवर्ग के कर्मचारी का काम गांव-गांव जाकर सेवाएं देना है, उसे मुख्यालय की कुर्सी पर बैठाकर क्या लाभ साधा जा रहा है?

एक एएनएम के भरोसे केंद्र, मुरैठ में हाहाकार

एमपीडब्ल्यू के नदारद रहने से उप स्वास्थ्य केंद्र मुरैठ की व्यवस्थाएं एक अकेली एएनएम (ANM) के कंधों पर आ टिकी हैं। फील्ड में पुरुष कार्यकर्ता के न होने से जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है:

 * सर्वे और रोकथाम ठप: मौसमी बीमारियों की रोकथाम, लार्वा सर्वे और मैदानी जांच का कार्य पूरी तरह ठप पड़ा है।

 * पोर्टल पर तकनीकी ताला: शासकीय प्राथमिकताओं में शामिल अनमोल एवं आरसीएच (RCH) पोर्टल पर डेटा फीडिंग का काम तकनीकी मैनपावर के अभाव में अटका हुआ है।

 * मरीजों की बढ़ी फजीहत: प्राथमिक उपचार और जांच न मिलने से मुरैठ व आसपास के ग्रामीणों को मामूली इलाज के लिए भी कई किलोमीटर दूर भटकना पड़ रहा है।

कलेक्टर की चौखट पर ग्रामीण, अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग

स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और अधिकारियों की अनदेखी से आक्रोशित ग्रामीणों का सब्र अब जवाब दे चुका है। सामाजिक कार्यकर्ता सुमेरा बर्मन के नेतृत्व में ग्राम पंचायत मुरैठ के बाशिंदों ने सीधे कलेक्टर जबलपुर को मोर्चा खोलते हुए शिकायती पत्र सौंपा है। पत्र की प्रतियां सीएमएचओ और संभागीय संयुक्त संचालक को भी भेजी गई हैं।

, जिला प्रमुख के निर्देशों की खुली अवहेलना करने और सरकारी कार्य में व्यवधान पैदा करने के आरोप में बीएमओ मझौली के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

Latest News

Stay Connected

0FansLike
31FollowersFollow
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Most View