अग्नि सुरक्षा मानकों और दुकान आवंटन नियमों की हुई सघन जांच, संयुक्त दल के पहुंचते ही विक्रेताओं में मचा हड़कंप
* दुकानों पर अग्निशामक यंत्र, रेत और पानी की अनिवार्य उपलब्धता के निर्देश; बिना वैध अनुमति दुकान लगाने पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
मझौली (जबलपुर)।
आगामी त्योहारों के मद्देनजर जनसुरक्षा और कानून-व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के उद्देश्य से स्थानीय प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। शुक्रवार को नगर परिषद मझौली क्षेत्र अंतर्गत संचालित पटाखा बाजार में उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों का संयुक्त दल अचानक औचक निरीक्षण के लिए पहुंच गया। सिहोरा एसडीएम ज्योति परस्ते, मझौली तहसीलदार जानकी उईक, नगर परिषद सीएमओ स्नेहा मिश्रा और थाना प्रभारी पूर्वा चौरसिया के संयुक्त नेतृत्व में पहुंचे जांच दल ने पूरे बाजार क्षेत्र का सघन मुआयना किया। महिला प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों की संयुक्त टीम को पुलिस बल के साथ एकाएक अपने बीच पाकर पटाखा व्यापारियों में हड़कंप मच गया और दुकानदार आनन-फानन में अपनी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुट गए।
सुरक्षा मानकों की तकनीकी पड़ताल
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक दल ने शासन द्वारा निर्धारित सुरक्षा दिशानिर्देशों के तहत हर पहलू की बिंदुवार समीक्षा की। अधिकारियों ने मौके पर परखा कि:
* अग्निशमन व्यवस्था: प्रत्येक दुकान पर चालू स्थिति में अग्निशामक यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर), पर्याप्त मात्रा में पानी और सूखी रेत से भरी बाल्टियां उपलब्ध हैं अथवा नहीं।
* भौतिक संरचना व दूरी: दो दुकानों के बीच आवश्यक न्यूनतम दूरी बनाए रखी गई है या नहीं, तथा निर्माण में अग्निरोधी टीन शेड व खुले हवादार स्थानों के नियमों का अनुपालन हो रहा है या नहीं।
* आपातकालीन निकास: बाजार परिसर में किसी भी आकस्मिक दुर्घटना की स्थिति में निर्बाध आवागमन और त्वरित निकास (इमरजेंसी एग्जिट) के रास्ते पूरी तरह खुले हैं अथवा अवरुद्ध।
‘लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी’—प्रशासन के कड़े तेवर
स्थानीय व्यापारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए सिहोरा एसडीएम ज्योति परस्ते ने कहा कि पटाखा व्यवसाय सीधे तौर पर आम नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा से जुड़ा बेहद संवेदनशील मामला है। ऐसे में किसी भी व्यापारी द्वारा नियमों की अनदेखी या गैर-जिम्मेदाराना रवैया कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
“यदि किसी भी प्रतिष्ठान में निर्धारित क्षमता से अधिक विस्फोटक का भंडारण या सुरक्षा उपकरणों में कमी पाई जाती है, तो तत्काल प्रभाव से लाइसेंस निरस्त कर कठोर दंडात्मक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
— ज्योति परस्ते, अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम), सिहोरा




