महाकाल लोक की तर्ज पर क्या मझौली को मिलेगा ‘विष्णु वाराह कॉरिडोर’? हाईकोर्ट के फैसले के बाद उठी भव्य कायाकल्प की मांग

 अतिक्रमण हटने के आदेश से खुली विकास की राह, खाली जमीन पर कॉरिडोर निर्माण की गूंज

 * दुर्लभ प्रतिमा और पुरातात्विक धरोहर को सहेजने के लिए डीपीआर तैयार करने की मांग

 * धार्मिक पर्यटन को मिलेगा पंख, स्थानीय युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए द्वार

मझौली (जबलपुर)।

उज्जैन के ‘महाकाल लोक’ और ओरछा के ‘रामराजा लोक’ की तर्ज पर अब मझौली स्थित ऐतिहासिक व पौराणिक ‘विष्णु वाराह मंदिर’ को भव्य कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की जनआकांक्षा जोर पकड़ने लगी है। हाल ही में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा मंदिर परिसर से तीन माह के भीतर अतिक्रमण हटाने के सख्त निर्देश दिए जाने के बाद क्षेत्रवासियों और धर्मप्रेमियों में इस ऐतिहासिक धरोहर के जीर्णोद्धार को लेकर नई उम्मीद जगी है। आम जनमानस और प्रबुद्ध वर्ग से यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि क्या शासन-प्रशासन इस खाली होने वाली पवित्र भूमि पर ‘विष्णु वाराह कॉरिडोर’ का निर्माण कराएगा?

पुरातात्विक वैभव और अद्वितीय पहचान

मझौली का विष्णु वाराह मंदिर अपनी प्राचीन शिल्पकला और दुर्लभ पाषाण प्रतिमा के चलते समूचे देश में विशिष्ट धार्मिक व ऐतिहासिक पहचान रखता है। सदियों पुरानी यह धरोहर आज भी श्रद्धालुओं के साथ-साथ पुरातत्व प्रेमियों के लिए गहरे शोध और आस्था का केंद्र है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इतने बड़े धार्मिक व ऐतिहासिक महत्व के बावजूद यह स्थल वर्षों से प्रशासनिक उपेक्षा और अवैध कब्जों का शिकार बना रहा।

अतिक्रमण मुक्त परिसर में कॉरिडोर निर्माण का सुनहरा अवसर

हाईकोर्ट के ताजा फैसले ने मंदिर परिसर को भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों से मुक्त कराने की अंतिम समय-सीमा तय कर दी है। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों का मानना है कि अतिक्रमण हटने के बाद इस बेशकीमती भूमि को यूं ही लावारिस छोड़ने के बजाय पर्यटन एवं संस्कृति विभाग को तत्काल प्रभाव से यहाँ भव्य कॉरिडोर की विस्तृत कार्ययोजना (DPR) तैयार करनी चाहिए।

भव्य परिक्रमा पथ, प्रवेश द्वार और भक्त सुविधाओं की दरकार

मांग की जा रही है कि मंदिर परिसर में एक सुव्यवस्थित परिक्रमा पथ, भव्य नक्काशीदार मुख्य प्रवेश द्वार, श्रद्धालुओं के बैठने की छांवदार व्यवस्था, सुगम प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, उद्यान और सूचना केंद्र विकसित किए जाएं। इससे न केवल देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि मझौली राष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर मजबूती से स्थापित होगा।

पर्यटन से चमकेगा स्थानीय व्यापार और रोजगार

यदि प्रदेश सरकार विष्णु वाराह मंदिर को कॉरिडोर का स्वरूप देती है, तो इसका सीधा लाभ मझौली और आसपास के ग्रामीण अंचल को मिलेगा। धार्मिक पर्यटन बढ़ने से स्थानीय व्यापारियों, छोटे दुकानदारों, परिवहन सेवा और युवाओं के लिए स्वरोजगार के अनेक अवसर पैदा होंगे।

अब देखना यह है कि स्थानीय जनप्रतिनिधि, पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन जनभावनाओं का संज्ञान लेकर ‘विष्णु वाराह कॉरिडोर’ के प्रस्ताव को शासन स्तर तक पहुंचाते हैं या यह मांग फाइलों और बयानों में ही सिमट कर रह जाती है।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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