मझौली, कुंडम सहित पूरे जबलपुर जिले के लिए मजदूरी बजट जारी

 प्रदेश स्तर पर ₹11.44 करोड़ की मंजूरी के बाद जबलपुर जिले को मिला हिस्सा

 * मझौली, कुंडम, सिहोरा और पनागर के रसोइयों, सफाईकर्मियों और चौकीदारों के चेहरे खिले

 * फंड डायवर्जन पर सख्त पाबंदी, सीधे बैंक खातों में पहुंचेगा लंबित पारिश्रमिक

जबलपुर

जिले के जनजातीय बहुल और ग्रामीण अंचलों में संचालित शासकीय आश्रम शालाओं और छात्रावासों की व्यवस्था संभाल रहे सैकड़ों दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर आई है। जनजातीय कार्य विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत प्रदेश स्तर पर स्वीकृत ₹11.44 करोड़ के मजदूरी बजट में से जबलपुर जिले के लिए भी जरूरी फंड जारी कर दिया गया है। इस आदेश के बाद मझौली, कुंडम, सिहोरा और पनागर विकासखंडों के छात्रावासों व आश्रमों में महीनों से अटके मानदेय भुगतान का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।

इन तीन श्रेणियों में बंटा बजट

विभागीय आदेश के अनुसार, जिले में संचालित संस्थाओं को तीन प्रमुख श्रेणियों में प्राथमिकता के आधार पर राशि का वितरण किया जा रहा है:

 * सीनियर बालक व कन्या छात्रावास: व्यवस्थाओं को निर्बाध रखने और दैनिक कर्मचारियों के नियमित भुगतान के लिए सबसे बड़ा हिस्सा तय किया गया है।

 * आश्रम शालाएं: मझौली और कुंडम के दूरस्थ अंचलों में प्राथमिक व माध्यमिक स्तर के आश्रमों में कार्यरत अमले को संबल मिलेगा।

 * महाविद्यालयीन छात्रावास: उच्च शिक्षा अध्ययनरत छात्रों के छात्रावासों में सफाई, सुरक्षा और भोजनालय व्यवस्था में लगे कर्मियों को भुगतान होगा।

जमीनी हकीकत: त्योहारों से पहले संकट टला

जिले के ग्रामीण विकासखंडों, विशेषकर मझौली और कुंडम क्षेत्र में संचालित आश्रम-छात्रावासों में लंबे समय से मजदूरी मद में आवंटन न होने की शिकायतें आ रही थीं। बजट के अभाव में भोजन पकाने वाले रसोइयों, सुरक्षा में तैनात चौकीदारों और सफाई कर्मियों का कई महीनों का मानदेय अटका हुआ था। स्थिति यह थी कि कई संस्थाओं में दैनिक व्यवस्थाएं चरमराने की कगार पर पहुंच गई थीं। अब एकमुश्त राशि आवंटित होने से कर्मचारियों के परिवारों को त्योहारों और रोजमर्रा के भरण-पोषण में बड़ी मदद मिलेगी।

‘नो-डायवर्जन’ का फरमान: फर्जी मस्टर रोल पर नपेगी गर्दन

कमिश्नर जनजातीय कार्य के निर्देशों के परिपालन में जबलपुर कलेक्टर कार्यालय एवं सहायक आयुक्त (जनजातीय कार्य) ने सभी ब्लॉक अधिकारियों व छात्रावास अधीक्षकों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

 * डीबीटी अनिवार्य: मजदूरी की पूरी राशि का भुगतान केवल और केवल पंजीकृत श्रमिकों के वैध बैंक खातों में ‘डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर’ (DBT) के जरिए किया जाएगा। किसी भी प्रकार के नकद भुगतान पर पूरी तरह रोक रहेगी।

 * मद विचलन पर एफआईआर: मजदूरी मद का पैसा किसी अन्य मरम्मत, सामग्री खरीद या प्रशासनिक काम में खर्च नहीं किया जा सकेगा।

 * मस्टर रोल का भौतिक सत्यापन: फर्जी मस्टर रोल तैयार करने या कागजी उपस्थिति दर्ज करने की शिकायतों पर संबंधित आहरण-संवितरण अधिकारी (DDO) और अधीक्षक के खिलाफ सीधे विभागीय व दंडात्मक कार्रवाई होगी।

प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया तेज कर दी गई है और अगले कुछ ही दिनों में जिले के सभी पात्र कर्मचारियों के खातों में राशि अंतरित करने की तैयारी पूरी कर ली गई है।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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