पीडब्ल्यूडी मझौली का ‘डिजिटल’ फर्जीवाड़ा: सड़क पर गड्ढा जस का तस, ‘लोकपथ’ ऐप पर भर दिया!

 उप यंत्री और मैदानी अमले की खुली सांठगांठ आई सामने

 * 1 सितंबर को गुबरा-सिहोरा मार्ग की हुई थी शिकायत, 24 घंटे में फर्जी तस्वीर अपलोड कर बंद किया केस

 * कागजों में बंटाधार, जमीन पर जान हथेली पर रखकर चलने को मजबूर राहगीर

मझौली (जबलपुर)।

सरकारी व्यवस्था में फर्जीवाड़े और संवेदनहीनता की हद देखनी हो, तो लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) उप संभाग मझौली का रुख कर लीजिए। मध्य प्रदेश सरकार जिस ‘लोकपथ ऐप’ को सड़कों की निगरानी और जनता की सुविधा का सबसे पारदर्शी माध्यम बता रही है, मझौली पीडब्ल्यूडी के जिम्मेदारों ने उसी ऐप को अपनी मक्कारी और कागजी लीपापोती का सबसे बड़ा हथियार बना लिया है।

गुबरा से सिहोरा मार्ग पर मौजूद एक जानलेवा गड्ढे को धरातल पर भरे बिना ही विभाग ने ऐप पर फर्जी तस्वीर अपलोड कर शिकायत का ‘निराकरण’ दिखा दिया। जमीन पर गड्ढा आज भी राहगीरों का मुंह चिढ़ा रहा है, जबकि सरकारी सिस्टम में सड़क पूरी तरह चकाचक दर्ज हो चुकी है।

24 घंटे में फर्जीवाड़े का खुला खेल

 * 1 सितंबर 2026 (रात्रि): गुबरा से सिहोरा मुख्य मार्ग पर मौजूद एक गहरे और खतरनाक गड्ढे से परेशान होकर जागरूक नागरिक ने मौके से लाइव तस्वीर खींचकर लोकपथ ऐप पर शिकायत दर्ज कराई।

 * 2 सितंबर 2026: पीडब्ल्यूडी मझौली के उप यंत्री और तकनीकी अमले ने मौके पर गिट्टी-डामर पहुंचाना तो दूर, जाना भी मुनासिब नहीं समझा। दफ्तर में बैठकर किसी अन्य स्थान की पैचवर्क वाली तस्वीर ऐप पर अपलोड कर दी और पोर्टल पर केस को ‘सफलतापूर्वक हल’ (Resolved) मार्क कर दिया।

 * जमीनी हकीकत: सड़क पर वही गड्ढा उसी खतरनाक स्थिति में मौजूद है, जहां रात के अंधेरे में दोपहिया वाहन चालक फिसल रहे हैं और बड़े वाहनों के एक्सल टूट रहे हैं।

जिम्मेदारों की जेब गर्म, जनता के हिस्से केवल जोखिम

लोकपथ ऐप पर शिकायत दर्ज होते ही समय-सीमा में काम दिखाने का दबाव होता है। मझौली पीडब्ल्यूडी के उप यंत्री ने काम कराने के बजाय सिस्टम को ही चूना लगाने का आसान रास्ता चुन लिया। स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि यह केवल काम से जी चुराने का मामला नहीं, बल्कि पैचवर्क के नाम पर सरकारी बजट के बंदरबांट का संगठित खेल है। जब काम हुआ ही नहीं, तो उस गड्ढे को भरने के नाम पर निकले सरकारी फंड की बंदरबांट किसकी जेब में गई?

कलेक्टर और वरिष्ठ अधिकारी संज्ञान लें

सरकार की पारदर्शी व्यवस्था की धज्जियां उड़ाने वाले इस फर्जीवाड़े से समूचे क्षेत्र में भारी आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि:

 * लोकपथ ऐप पर अपलोड की गई कथित सुधार कार्य की तस्वीर की जियो-टैगिंग और टाइम-स्टैम्प की तकनीकी जांच हो।

 * मौके का पंचनामा बनाकर उप यंत्री और संबंधित फील्ड इंजीनियर के खिलाफ धोखाधड़ी व पदीय दायित्वों के उल्लंघन की एफआईआर दर्ज कराई जाए।

 * सड़क की तत्काल वास्तविक मरम्मत हो, ताकि किसी मासूम की जान न जाए।

यदि डिजिटल निगरानी के दौर में भी मझौली पीडब्ल्यूडी इस कदर खुली आंखों से फर्जीवाड़ा कर रहा है, तो समझा जा सकता है कि जहां कैमरे और ऐप की नजर नहीं है, वहां भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी होंगी।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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