जिले की यातायात व्यवस्था, ब्लैक स्पॉट्स, पार्किंग, स्पीड कंट्रोल और अतिक्रमण हटाने को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए।
जबलपुर
प्रमुख बिंदु एवं दिशा-निर्देश:
* मार्ग सुधार व स्पीड कंट्रोल: कलेक्टर ने एमपीआरडीसी से पाटन-जबलपुर मार्ग के चौड़ीकरण की स्थिति जानी। शहपुरा-जबलपुर मार्ग पर पुल के जाम और खराब सड़क पर चर्चा करते हुए एक सप्ताह के भीतर स्पीड कंट्रोल हेतु रम्बल स्टिक लगाने के निर्देश दिए।
* दुर्घटना संभावित क्षेत्रों पर निगरानी: बरेला, अंधमूक, तिलवारा और सिहोरा मार्ग पर लगातार हो रहे हादसों को रोकने के लिए स्पीड ब्रेकर और अन्य सुरक्षा मानक प्रभावी करने पर जोर दिया गया। बरेला शारदा मंदिर घाटी क्षेत्र में सुरक्षा कार्य पूर्ण होने की जानकारी दी गई।
* ई-रिक्शा के लिए रूट व 15 साल पुरानी गाड़ियां: शहर में यातायात सुगम बनाने के लिए ई-रिक्शा संचालन हेतु निर्धारित रूट तय करने और आरटीओ को स्पष्ट गाइडलाइन जारी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही 15 वर्ष से पुराने वाहनों के निष्पादन (डिस्पोजल) की समीक्षा की गई।
* स्कूल बसों में पैनिक बटन: सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) की गाइडलाइन के तहत सभी स्कूल बसों में पैनिक बटन की व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए।
* अतिक्रमण पर जीरो टॉलरेंस: पुलिस अधीक्षक श्री सम्पत उपाध्याय ने एनएचएआई अधिकारियों को गोसलपुर और पनागर मार्ग किनारे बने ढाबों-होटलों पर सुरक्षा मानकों का पालन कराने और सड़क किनारे अतिक्रमण को तुरंत हटाने के कड़े निर्देश दिए।
बैठक में पुलिस, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग (PWD), एमपीआरडीसी, परिवहन और राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।