कागजों में विकास, धरातल पर एक अदद ध्वज-स्तंभ तक नसीब नहीं
मझौली दर्पण ब्यूरो / कटरा तागबैहर:
जनपद शिक्षा केंद्र मझौली अंतर्गत ग्राम पंचायत कटरा के पोषक ग्राम तागबैहर स्थित शासकीय विद्यालय में राष्ट्रीय पर्व के दौरान प्रशासनिक उपेक्षा और घोर लापरवाही की शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। जहाँ पूरे देश में तिरंगा पूरे राजकीय सम्मान के साथ फहराया गया, वहीं इस विद्यालय में बुनियादी ध्वज-स्तंभ के अभाव में राष्ट्रीय ध्वज को एक लकड़ी के डंडे पर बांधकर फहरा दिया गया। इस कृत्य से भारतीय ध्वज संहिता (Flag Code of India) के नियमों की खुली धज्जियां उड़ी हैं, जिसे लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
कागजों पर लाखों का खर्च, धरातल पर फूटी कौड़ी नहीं
घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीण राकेश कुमार राजपूत, सुनील भट्ट, बलराम भट्ट और विद्यालय के शिक्षकों ने पंचायत प्रशासन की कार्यशैली की पोल खोलते हुए गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए:
* शून्य बजट का सच: ग्रामीणों के अनुसार, सरपंच सुरेंद्र भट्ट और पंचायत सचिव द्वारा राष्ट्रीय पर्व के आयोजन, स्वच्छता और बैठक व्यवस्था के लिए शाला प्रबंधन को कोई अनुदान राशि उपलब्ध नहीं कराई जाती।
* फर्जी बिलिंग का खेल: आरोप है कि पंचायत स्तर पर हर साल 15 अगस्त और 26 जनवरी के नाम पर टेंट, माइक और शाला मरम्मत के फर्जी बिल लगाकर सरकारी खजाने से मोटी रकम निकाल ली जाती है, जबकि स्कूल में एक पक्का पोल तक नहीं बन सका।
प्रशासनिक विफलता पर उठे सवाल
सरकारी दावों के बीच आजादी के अमृत काल में भी एक प्राथमिक/माध्यमिक शाला में स्थाई ध्वजारोहण चबूतरा न होना शिक्षा विभाग और पंचायत समन्वय की घोर विफलता को दर्शाता है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सम्मान के साथ खिलवाड़ है।
उच्चस्तरीय जांच और वित्तीय ऑडिट की मांग
ग्रामीणों ने जनपद सीईओ मझौली और जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले में तत्काल संज्ञान लेकर दोषी पंचायत प्रतिनिधियों पर कार्रवाई की जाए। साथ ही ग्राम पंचायत कटरा में शाला मद और राष्ट्रीय पर्वों के नाम पर पिछले वर्षों में निकाली गई संपूर्ण राशि का विशेष वित्तीय ऑडिट कराया जाए।