सचिवालय के बजाय निजी व्यक्ति के पास पैसे जमा कराने का बनाया जा रहा था दबाव
कॉल डिटेल (CDR) और चश्मदीद के बयान से खुली पोल, BNS की धारा 108 व 3(5) के तहत मामला दर्ज
मझौली (जबलपुर) |
जबलपुर जिले की मझौली जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाले ग्राम देवरी अमगवां से एक सनसनीखेज और दुखद मामला सामने आया है। शासकीय नल-जल योजना में जारी अनियमितता और दबंगई के चलते एक 25 वर्षीय निर्दोष युवक की जान चली गई। नल-जल योजना के तहत जल प्रदाय एवं वसूली का कार्य करने वाले युवक रमेश रजक को गाँव के ही सरपंच और उसके दबंग साथियों द्वारा इस कदर प्रताड़ित किया गया कि उसने खौफनाक कदम उठाते हुए विषपान कर लिया। इलाज के दौरान युवक ने दम तोड़ दिया।
मामले में पुलिस ने लंबी जाँच और एसपी कार्यालय में दर्ज शिकायत के आधार पर ग्राम सरपंच मनोज भूमिया, ओमप्रकाश तिवारी एवं मुकेश तिवारी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का गंभीर मामला दर्ज कर लिया है।
अवैध वसूली का दबाव: सचिव को नहीं, निजी व्यक्ति को दो पैसे!
पुलिस एफआईआर और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक रमेश रजक ग्राम देवरी में नल-जल योजना का संचालन करता था और घर-घर जाकर पानी का शुल्क वसूलता था। शासकीय नियमों के अनुसार एकत्रित की गई राशि ग्राम पंचायत के सचिव के पास सरकारी खाते में जमा की जानी थी।
परंतु, गाँव का सरपंच मनोज भूमिया अपने साथी ओमप्रकाश तिवारी और मुकेश तिवारी के साथ मिलकर रमेश पर लगातार दबाव बना रहा था कि वह वसूली की रकम सचिव के पास जमा न करके गैर-कानूनी तरीके से मुकेश तिवारी नाम के निजी व्यक्ति के पास जमा करे। जब रमेश ने नियम विरुद्ध कार्य करने से मना किया, तो आरोपियों द्वारा उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा।
तलाई के पास घेरकर दी गालियाँ, CDR से मिला पुख्ता सबूत
घटना वाले दिन आरोपियों ने फोन करके रमेश को तलाई के पास बुलाया। जाँच अधिकारी द्वारा निकाली गई कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) से यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपियों ने अपने मोबाइल से रमेश को कॉल कर मौके पर बुलाया था।
घटना के चश्मदीद गवाहों के बयानों के अनुसार, तलाई के पास तीनों आरोपियों ने रमेश को बुरी तरह घेरा, गाली-गलौज की और पैसे अपने बताए व्यक्ति को सौंपने को लेकर तीव्र मानसिक दबाव बनाया। इसी अपमान और प्रताड़ना से आहत होकर रमेश ने मौके पर ही जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया।
इलाज के दौरान तोड़ा दम, पत्नी की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
जहर खाने के बाद परिजनों द्वारा रमेश को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ नाजुक हालत को देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज जबलपुर रेफर किया गया। वहाँ इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई।
पति की मौत के बाद पीड़ित पत्नी नीतू रजक ने न्याय की आस में जबलपुर पुलिस अधीक्षक (SP) के समक्ष उपस्थित होकर आवेदन प्रस्तुत किया। एसपी के निर्देश पर मझौली पुलिस ने मृतक के परिजनों और चश्मदीदों के पूरक बयान दर्ज किए, जिसमें प्रताड़ना का सच उजागर हुआ।
पुलिस की कार्रवाई
मझौली पुलिस ने तीनों नामजद आरोपियों (सरपंच मनोज भूमिया, ओमप्रकाश तिवारी और मुकेश तिवारी) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण) एवं 3(5) (समान आशय) के तहत प्रकरण पंजीकृत कर लिया है।
पुलिस का वक्तव्य:
“मामले में निष्पक्ष जाँच, चश्मदीद साक्ष्यों और तकनीकी साक्ष्यों (CDR) के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया




