जनपद पंचायत मझौली के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत टिकुरी सिल्हटी में सरकारी धन के बंदरबांट का एक बड़ा मामला उजागर हुआ है।

विकास कार्यों के नाम पर जाली जीएसटी (GST) बिल लगाकर शासकीय राशि का भुगतान कराए जाने का आरोप लगा है।

मझौली (जबलपुर)

फर्जी बिलिंग का यह पूरा खेल ग्राम पंचायत टिकुरी सिल्हटी की सरपंच श्रीमती सीता चौकसे के देवर कैलाश चौकसे के नाम से संचालित फर्म ‘मेसर्स बड़े बाबा ट्रेडर्स (हार्डवेयर)’, इंद्राना के जरिए किए जाने की बात सामने आई है।

क्या है पूरा मामला?

ग्राम पंचायत टिकुरी सिल्हटी में कराए गए विभिन्न निर्माण व विकास कार्यों के एवज में सरपंच श्रीमती सीता चौकसे के देवर कैलाश चौकसे की फर्म ‘मेसर्स बड़े बाबा ट्रेडर्स, ग्राम इन्द्राना कापा’ के नाम से जीएसटी बिल प्रस्तुत कर सरकारी राशि आहरित की गई। जब इन बिलों की पड़ताल की गई, तो बिलों में दर्ज GST नंबर 23AZJPC7405P127 फर्जी/अमान्य पाया गया।

शासकीय पोर्टलों पर दर्ज रिकॉर्ड के अनुसार, कैलाश चौकसे की इस फर्म द्वारा पंचायतों में भवन निर्माण सामग्री की फर्जी आपूर्ति दर्शाकर अमान्य जीएसटी बिलों का उपयोग किया गया और राजस्व को चूना लगाकर सरकारी खजाने का गबन किया जा रहा है।

प्रमुख बिंदु एवं मुख्य आरोप

 * सरपंच पति व देवर के प्रभाव का दुरुपयोग: सरपंच श्रीमती सीता चौकसे के देवर कैलाश चौकसे के नाम पर संचालित फर्म होने के कारण बिना किसी निष्पक्ष भौतिक सत्यापन के फर्जी बिलों को धड़ल्ले से पास कराया गया।

 * पोर्टल से खुला फर्जीवाड़े का राज: ‘पंचायत दर्पण’ ऑनलाइन पोर्टल और ‘मेरी पंचायत’ पोर्टल पर दर्ज बिलों की प्रतियों से फर्जी GST नंबर का उपयोग कर भुगतान लेने का पर्दाफाश हुआ है।

 * कमिश्नर GST विभाग में शिकायत: शिकायतकर्ता सुरेश वर्मन ने वाणिज्यिक कर (GST विभाग) जबलपुर के कमिश्नर एवं संभागीय उपायुक्त कार्यालय में औपचारिक शिकायत दर्ज कराते हुए बिलों की प्रतियां साक्ष्य के तौर पर सौंपी हैं।

 * संबंधित मोबाइल नंबर: फर्जी बिलों पर संपर्क सूत्र के रूप में 7869986201 एवं 9009784828 दर्ज हैं।

टैक्स चोरी और शासकीय राशि का गबन

ग्राम पंचायतों में वित्तीय पारदर्शिता लाने के लिए ऑनलाइन बिलिंग प्रणाली लागू की गई थी, लेकिन जनप्रतिनिधियों और उनके रिश्तेदारों की मिलीभगत से इसे ही भ्रष्टाचार का जरिया बना लिया गया। जाली जीएसटी नंबर से बिल जारी करने से न केवल वाणिज्यिक कर विभाग को भारी राजस्व नुकसान (Tax Evasion) पहुँचाया जा रहा है, बल्कि ग्राम पंचायत के विकास फंड का भी खुलेआम दुरुपयोग हो रहा है।

एफआईआर और वसूली की मांग

ग्रामीणों एवं शिकायतकर्ता ने जिला प्रशासन और वाणिज्यिक कर विभाग से मांग की है कि:

 * कैलाश चौकसे की फर्म ‘बड़े बाबा हार्डवेयर (ट्रेडर्स)’ द्वारा पंचायतों में किए गए सभी भुगतानों और जीएसटी खातों की बारीकी से जांच हो।

 * फर्जी बिल जारी करने वाली फर्म के संचालक कैलाश चौकसे एवं संबंधित जिम्मेदार पंचायत प्रतिनिधियों पर धोखाधड़ी (IPC 420) और जीएसटी कानून के तहत मामला दर्ज (FIR) किया जाए।

 * फर्जी बिलों के जरिए निकाले गए शासकीय धन की त्वरित वसूली की जाए।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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