अवैध खनन और भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अख्तियार किया है।
जबलपुर (सिहोरा)
कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने सिहोरा तहसील के अंतर्गत भसुआ रेत के अवैध उत्खनन एवं अवैध भंडारण के दो अलग-अलग मामलों में कड़ा फैसला सुनाते हुए दोषियों पर कुल 23 लाख 62 हजार 500 रुपये का भारी-भरकम अर्थदण्ड (जुर्माना) लगाया है।
कलेक्टर ने दो टूक शब्दों में निर्देश दिए हैं कि यदि दोषियों द्वारा समयावधि के भीतर जुर्माने की राशि जमा नहीं की गई, तो भू-राजस्व संहिता के प्रावधानों के तहत उनकी संपत्ति की कुर्की की जाएगी और वसूली की सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
दो वर्ष पुराने मामले में आया फैसला
यह पूरा मामला सिहोरा तहसील के ग्राम खम्हरिया कटरा का है। यहाँ दो वर्ष पूर्व, 10 जून 2024 को तहसीलदार और सहायक खनिज निरीक्षक की संयुक्त टीम ने औचक जांच की थी। जांच के दौरान बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन और भंडारण का खुलासा हुआ था, जिसके बाद जिला खनिज अधिकारी ने इन प्रकरणों को कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किया था।
राजीनामा न करने पर दोगुना हुआ जुर्माना
कलेक्टर न्यायालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, दोषियों द्वारा प्रशमन (राजीनामा/समझौता) के लिए तैयार न होने पर जुर्माने की राशि को दोगुना कर दिया गया:
1. अवैध उत्खनन (महेंद्र और सुरेंद्र कुमार): निजी भूमि से 240 घनमीटर भसुआ रेत का अवैध उत्खनन करने के दोषी महेंद्र कुमार और सुरेंद्र कुमार पर शुरुआत में रायल्टी की 15 गुना राशि (4.50 लाख रुपये) और पर्यावरण क्षतिपूर्ति (4.50 लाख रुपये) मिलाकर कुल 9 लाख रुपये का जुर्माना तय किया गया था। लेकिन इनके द्वारा प्रशमन के लिए सहमति न देने पर इसे दोगुना कर 18 लाख रुपये कर दिया गया।
2. अवैध भंडारण (पुरुषोत्तम कौल): शासकीय भूमि पर बिना अनुमति के 75 घनमीटर भसुआ रेत का अवैध भंडारण करने के दोषी पुरुषोत्तम कौल पर रायल्टी का 15 गुना (1,40,625 रुपये) और पर्यावरण क्षतिपूर्ति (1.40 लाख रुपये) मिलाकर कुल 2,81,250 रुपये का अर्थदंड लगाया गया था। समझौता न करने पर इसे भी बढ़ाकर 5 लाख 62 हजार 500 रुपये कर दिया गया।
चालान पेश करने के निर्देश, वरना होगी कुर्की
कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने दोनों ही मामलों में उत्खननकर्ता और भंडारणकर्ता को तत्काल अर्थदण्ड की राशि सरकारी खाते में जमा करने और चालान की प्रति जिला खनिज अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।
आदेश का पालन न होने की स्थिति में कलेक्टर कार्यालय की ब्रिस्क शाखा के प्रभारी अधिकारी को तहसीलदार के माध्यम से भू-राजस्व संहिता के उपबंधों के तहत संपत्ति कुर्क करने और वसूली सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से क्षेत्र के अवैध खनन माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है।
सिहोरा के खम्हरिया कटरा में भसुआ रेत के अवैध उत्खनन व भंडारण पर कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह की बड़ी कार्रवाई। दोषियों पर लगाया ₹23.62 लाख का अर्थदण्ड। राशि जमा न करने पर होगी कुर्की और वसूली।




