मुख्यमंत्री ने आज जिले के मकोड़ी स्थित श्यामा वेयर हाउस का औचक निरीक्षण कर गेहूं उपार्जन (खरीदी) व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत जानी।
शाजापुर
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल व्यवस्थाओं को देखा, बल्कि वहां मौजूद अन्नदाताओं से सीधे संवाद कर उनसे फीडबैक भी लिया।
अन्नदाताओं की सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि गेहूं उपार्जन के लिए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि को 9 मई से बढ़ाकर अब 23 मई कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में आवश्यकता पड़ी, तो इस तारीख को और भी आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों को किसी भी तरह की परेशानी या असुविधा नहीं होनी चाहिए।
किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े, इसके लिए वेयर हाउस पर तौल-कांटों की संख्या 2 से बढ़ाकर 6 कर दी गई है। इस कदम से तुलाई कार्य में तेजी आएगी और केंद्रों पर भीड़ कम होगी।
किसानों की आय बढ़ाने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने अपील की कि वर्तमान समय तीसरी फसल का है, इसलिए किसान उड़द की बुवाई करें। सरकार ने घोषणा की है कि उड़द लगाने वाले किसानों को राज्य सरकार की ओर से ₹600 प्रति क्विंटल का बोनस दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से इस बार प्रदेश को पिछली बार की तुलना में कहीं अधिक खरीदी का लक्ष्य मिला है। उन्होंने कहा:
“वर्तमान में वैश्विक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं और गेहूं का निर्यात बंद है, लेकिन इसके बावजूद हमारी सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है। हम एक-एक दाना खरीदने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के इस दौरे और तारीख बढ़ाने के निर्णय से क्षेत्र के किसानों ने राहत की सांस ली है।




