जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम कसने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कलेक्टर श्री राघवेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में ‘सड़क सुरक्षा समिति’ की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।
जबलपुर
बैठक में न केवल दुर्घटनाओं के कारणों पर मंथन किया गया, बल्कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए।
पुराने वाहनों पर शिकंजा: कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में सड़कों पर दौड़ रहे 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों को जब्त कर आवश्यक कानूनी कार्यवाही की जाए।
ब्लैक स्पॉट्स का खात्मा: जिले में जिन स्थानों पर बार-बार दुर्घटनाएं होती हैं (ब्लैक स्पॉट्स), उन्हें चिन्हित कर वहां सुधार के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने पर चर्चा की गई।
दीनदयाल चौराहा पर विशेष नजर: शहर के व्यस्त दीनदयाल चौक के आसपास यातायात को सुचारू बनाने के लिए विशेष व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
सख्ती और वसूली: यातायात नियमों को तोड़ने वालों के खिलाफ चालानी कार्यवाही और वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ओवरलोडिंग और नशे में वाहन चलाने वालों पर पुलिस सख्त नजर रखेगी।
1. लोक निर्माण विभाग (PWD): सड़कों पर संकेतक (Signage), स्पीड ब्रेकर, स्ट्रीट लाइट और रोड मार्किंग को तत्काल दुरुस्त करें। सुरक्षा के मद्देनजर जगह-जगह रिफ्लेक्टर लगाए जाएं।
2. पुलिस एवं परिवहन विभाग: हेलमेट और सीट बेल्ट की अनिवार्यता के लिए विशेष अभियान चलाएं। स्कूली बच्चों और नागरिकों में जागरूकता पैदा करें।
3. स्वास्थ्य विभाग: दुर्घटना के समय ‘गोल्डन ऑवर’ में त्वरित इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर्स की व्यवस्था को और मजबूत करें।
बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री संपत उपाध्याय, स्मार्ट सिटी सीईओ, जेडीए सीईओ और नगर निगम सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य तकनीकी सुधार और प्रवर्तन (Enforcement) के जरिए जिले में सड़क हादसों की दर को न्यूनतम स्तर पर लाना है।




