संभागायुक्त श्री धनंजय सिंह ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संभाग के सभी कलेक्टरों और विभागीय अधिकारियों के साथ शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की गहन समीक्षा की।
जबलपुर (23 अप्रैल)
उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण होने चाहिए।
निर्माण कार्यों की सघन मॉनिटरिंग के निर्देश
संभागायुक्त ने लोक निर्माण विभाग (PWD), सेतु निर्माण, जल संसाधन विभाग, सड़क विकास निगम और पुलिस आवास निगम सहित अन्य विभागों के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने प्रगतिरत और अपूर्ण कार्यों के कारणों की जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित फील्ड विजिट कर कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करें।
जल गंगा संवर्धन अभियान 2026: रैंकिंग सुधारने पर जोर
‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ और जल संचय जन भागीदारी 2.0′ की समीक्षा करते हुए श्री सिंह ने संभाग के जिलों की स्टेट रैंकिंग पर चर्चा की। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि:
सभी सहभागी विभाग अपने निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करें।
जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन की गतिविधियों की सतत मॉनिटरिंग की जाए।
पूर्व में निर्मित अमृत सरोवरों को तत्काल राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराने की प्रक्रिया पूर्ण हो।
राजस्व प्रकरणों और सीएम हेल्पलाइन का त्वरित निराकरण
बैठक में राजस्व न्यायालयों के लंबित प्रकरणों, राजस्व वसूली, लोकायुक्त की शिकायतों और अनुकंपा नियुक्ति जैसे संवेदनशील मामलों पर भी चर्चा हुई। संभागायुक्त ने सीएम हेल्पलाइन और सीपीग्राम के प्रकरणों को समय-सीमा में संतुष्टिपूर्वक निराकृत करने के निर्देश दिए।
गेहूँ उपार्जन और भंडारण पर नजर
कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने गेहूँ उपार्जन केंद्रों की समुचित निगरानी और भंडारण व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। साथ ही ‘डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना’ और ‘क्षीरधारा ग्राम योजना’ जैसी पशुपालन से जुड़ी योजनाओं की भी प्रगति जानी।
स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष ध्यान
संभागायुक्त ने सामाजिक क्षेत्रों की समीक्षा करते हुए निम्नलिखित निर्देश दिए:
स्वास्थ्य: एचपीवी टीकाकरण और गर्भवती महिलाओं के एएनसी पंजीयन में तेजी लाएं।
शिक्षा: जनजातीय कार्य विभाग के तहत प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति का वितरण समय पर हो।
नगरीय विकास: एसबीएम 2.0 और अमृत 2.0 प्रोजेक्ट के कार्यों को गति दी जाए।
बैठक में संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ वर्चुअली सम्मिलित हुए। संभागायुक्त ने अंत में ‘कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस’ के बिंदुओं पर पालन प्रतिवेदन (ATR) की समीक्षा कर प्रगति का जायजा लिया।




