कृषि आदान (खाद, बीज और कीटनाशक) व्यापारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
मझौली/जबलपुर:
ऑल इंडिया एग्रो इनपुट डीलर एसोसिएशन के आह्वान पर आगामी 27 अप्रैल को देशभर के कृषि प्रतिष्ठान एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल पर रहेंगे। इस बंद का असर मझौली और जबलपुर क्षेत्र में भी व्यापक रूप से देखने को मिलेगा।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनमोहन कलन्त्री के अनुसार, यह कदम महाराष्ट्र राज्य संगठन (माफड़ा) द्वारा शुरू किए जा रहे अनिश्चितकालीन आंदोलन के समर्थन और केंद्र व राज्य सरकारों की उदासीनता के विरोध में उठाया जा रहा है। व्यापारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी जायज मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से केवल आश्वासन ही मिल रहा है।
व्यापारियों ने मुख्य रूप से निम्नलिखित तीन मुद्दों पर आर-पार की लड़ाई का मन बनाया है:
मार्जिन में वृद्धि: वर्तमान में उर्वरकों पर मिल रहा 1.5% का डीलर मार्जिन बेहद कम है। इसे बढ़ाकर सम्मानजनक स्तर पर लाने की मांग की जा रही है।
FOR सुविधा की अनिवार्यता: खाद की डिलीवरी सीधे रिटेलर के गोदाम तक सुनिश्चित की जाए, ताकि व्यापारियों को परिवहन के अतिरिक्त खर्च और परेशानी से राहत मिल सके।
नीतिगत विसंगतियां: खाद, बीज और कीटनाशक व्यापार से जुड़े जटिल नियमों और विसंगतियों में तत्काल सुधार किया जाए।
हड़ताल के दिन केवल दुकानें ही बंद नहीं रहेंगी, बल्कि व्यापारी एकजुट होकर जुलूस भी निकालेंगे। विरोध प्रदर्शन के पश्चात स्थानीय प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक ज्ञापन सौंपा जाएगा।
स्थानीय नेतृत्व की अपील:
प्रदेश अध्यक्ष मानसिंह राजपूत और जिला अध्यक्ष जयेश ओझा के मार्गदर्शन में मझौली ब्लॉक अध्यक्ष सुशील परौहा, उपाध्यक्ष महेंद्र भट्ट, सचिव सतेन्द्र सिंह राजपूत, कोषाध्यक्ष चंदन सिंह राजपूत,संरक्षक अरुण मिश्रा सुनील राजपूत, विनोद असाटी एवं विपिन भट्ट ने क्षेत्र के समस्त व्यापारियों से इस बंद को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने की अपील की है।
चेतावनी:व्यापारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि 27 अप्रैल के सांकेतिक प्रदर्शन के बाद भी सरकार नहीं चेती, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप ले सकता है।




