खेती-किसानी से जुड़ी समस्याओं के समाधान और आगामी कार्ययोजना को लेकर आज शनिवार को कलेक्टर कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।
जबलपुर
कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में किसान संगठनों के प्रतिनिधियों और कृषि से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने शिरकत की। बैठक में उपार्जन, नहरों के रखरखाव, बिजली आपूर्ति और नरवाई प्रबंधन जैसे गंभीर मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
कलेक्टर श्री सिंह ने गेहूँ उपार्जन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को हिदायत दी कि वास्तविक किसानों को अपनी उपज बेचने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने किसान संगठनों से भी आग्रह किया कि वे उपार्जन व्यवस्था को दुरुस्त करने में सहभागी बनें ताकि बिचौलिये या व्यापारी इस व्यवस्था का अनुचित लाभ न उठा सकें। बैठक में बताया गया कि अब तक 47 उपार्जन केंद्र स्थापित हो चुके हैं और जल्द ही 11 अन्य केंद्र भी शुरू किए जाएंगे
सिंचाई के मुद्दे पर कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाते हुए **नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (NVDA)** के अधिकारियों को निर्देशित किया कि बरगी बांध की नहरों से पानी की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि नहरों के आखिरी छोर (Tail End) तक पानी न पहुँचने की शिकायतों को गंभीरता से लें और इसके निराकरण के लिए किसान संगठनों के साथ अलग से बैठक बुलाएं।
विद्युत आपूर्ति पर चर्चा करते हुए कलेक्टर ने बिजली विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सिंचाई पंपों के लिए निर्बाध बिजली मिले। यदि कहीं ट्रांसफार्मर खराब होता है, तो उसे प्राथमिकता के आधार पर तत्काल बदला जाए। साथ ही, उन्होंने तहसील स्तर पर ई-विकास प्रणाली के प्रशिक्षण और खसरा जोड़ने जैसी समस्याओं के लिए शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक के दौरान नरवाई जलाने से होने वाले नुकसान के प्रति किसानों को जागरूक किया गया। कलेक्ट्रेट परिसर में इलेक्ट्रिक रीपर तकनीक और आधुनिक कृषि यंत्रों का प्रदर्शन भी किया गया। कलेक्टर ने किसानों को फसल विविधीकरण और नवीनतम तकनीकों को अपनाने की सलाह दी ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके।
बैठक में संयुक्त कलेक्टर ऋषभ जैन, विभिन्न किसान संगठनों के पदाधिकारी, कृषि विभाग के अधिकारी और जिला उपार्जन समिति के सदस्य मौजूद थे।
ब्यूरो रिपोर्ट: / मझौली दर्पण न्यूज़ नेटवर्क
संपर्क: 9407474756, 9424575756




