हजारों साल पुराना विष्णु वाराह मंदिर बदहाल; 20 लाख की आय, फिर भी बूंद-बूंद पानी को तरस रहे श्रद्धालु

कहते हैं कि जहां आस्था होती है, वहां व्यवस्थाएं खुद-ब-खुद बन जाती हैं, लेकिन जबलपुर जिले की तहसील मझौली स्थित ऐतिहासिक विष्णु वाराह मंदिर में नजारा इसके उलट है।

मझौली (जबलपुर)

हजारों साल पुराने इस पौराणिक मंदिर की हालत देखकर आज श्रद्धा भी शर्मसार हो रही है। सालाना **20 लाख रुपए से अधिक की आय* होने के बावजूद, यह मंदिर आज प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार होकर अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है

शोपीस बने उपकरण, भक्तों की बढ़ी मुसीबत

तपती गर्मी और 45 डिग्री के पारे में जहां आम इंसान का गला सूख रहा है, वहीं मंदिर आने वाले श्रद्धालु पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। मंदिर परिसर में लगा वाटर कूलर महज एक शोपीस बनकर रह गया है। इतना ही नहीं, मंदिर के गर्भगृह में लगा एसी (AC) भी बंद पड़ा है, जिससे भक्तों और पुजारियों को भारी उमस का सामना करना पड़ता है।

अव्यवस्थाओं का अंबार: न कक्ष, न प्रसाद की व्यवस्था

आस्था के इस केंद्र में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है:

 मुंडन व कथा कक्ष: श्रद्धालुओं के लिए न तो मुंडन संस्कार के लिए उचित स्थान है और न ही धार्मिक कथाओं के लिए कोई व्यवस्थित कक्ष।

 प्रसाद वितरण: दूर-दराज से आने वाले भक्तों के लिए प्रसाद वितरण की कोई सुचारू व्यवस्था नहीं है।

 रखरखाव: करोड़ों की संपत्ति और लाखों की वार्षिक आय वाले इस मंदिर का प्रबंधन पूरी तरह चरमरा गया है।

कुंभकर्णी नींद में प्रशासन: ‘साहब’ को फुर्सत नहीं!

सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि इस मंदिर में बिष्णु बाराह मंदिर न्यास  समिति के अध्यक्ष स्वयं मझौली तहसीलदार हैं और जिले के कलेक्टर इसके सर्वेसर्वा हैं। इसके बावजूद प्रशासन को इसकी सुध लेने की फुर्सत नहीं है। आरोप है कि अधिकारी अपने वातानुकूलित (AC) दफ्तरों से बाहर निकलने की जहमत नहीं उठाते। जनता की समस्याओं से बेखबर अफसरशाही की इस कार्यप्रणाली ने स्थानीय लोगों में भारी रोष पैदा कर दिया है।

बड़ा सवाल: जब मंदिर की वार्षिक आय 20 लाख रुपए से ज्यादा है, तो वह पैसा विकास कार्यों के बजाय कहां खर्च हो रहा है? क्या प्रशासन केवल राजस्व वसूलने के लिए है, श्रद्धालुओं को सुविधाएं देने के लिए नहीं?

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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