CMHO डॉ. ममता तिमोरी को समय पर सेवानिवृत्त करना भूला विभाग, ढाई साल बाद जबरन रिटायरमेंट के आदेश
भोपाल
मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ताजा मामला एक ऐसे प्रशासनिक लापरवाही से जुड़ा है, जिसमें विभाग अपने ही वरिष्ठ अधिकारी को समय पर सेवानिवृत्त करना भूल गया। परिणामस्वरूप संबंधित अधिकारी ने लगभग ढाई साल तक सेवा जारी रखी और अब जाकर विभाग ने उन्हें फोर्सफुली रिटायर करने के आदेश जारी किए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. ममता तिमोरी की सेवानिवृत्ति नियमानुसार पूर्व में ही हो जानी थी, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते उनका सेवा रिकॉर्ड अपडेट नहीं हुआ और वे लगातार पद पर बनी रहीं। इस दौरान उन्होंने नियमित रूप से कार्य भी किया और सरकारी जिम्मेदारियां निभाईं।
मामला तब उजागर हुआ जब विभागीय स्तर पर दस्तावेजों का पुनः परीक्षण किया गया। जांच में सामने आया कि अधिकारी नियत तिथि से काफी पहले ही सेवानिवृत्ति की पात्रता पूरी कर चुकी थीं, लेकिन प्रशासनिक चूक के कारण आदेश जारी ही नहीं हो सके। इसके बाद आनन-फानन में विभाग ने फोर्सफुली रिटायरमेंट का आदेश जारी कर स्थिति को संभालने की कोशिश की।
इस पूरे घटनाक्रम ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और मॉनिटरिंग सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह भी सवाल उठ रहा है कि इतने लंबे समय तक यह चूक कैसे नजरअंदाज होती रही और जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं, बल्कि सिस्टम की बड़ी खामी को उजागर करता है। यदि समय रहते रिकॉर्ड और सेवा संबंधी प्रक्रियाओं की नियमित समीक्षा होती, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
अब देखना होगा कि शासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई ठोस कार्रवाई होती है या नहीं। फिलहाल यह मामला प्रशासनिक व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही पर बड़ा प्रश्नचिह्न बनकर सामने आया है।




