अनूपपुर स्वास्थ्य विभाग में ‘कमीशन’ का ग्रहण: अस्पताल मरीजों के लिए या MR के साथ ‘प्राइवेट डील’ के लिए?

जिले के शासकीय अस्पतालों की स्थिति अब सेवा भाव से कोसों दूर होती जा रही है।

अनूपपुर

अस्पतालों के गलियारों में अब मरीजों की सिसकियाँ कम और दवा कंपनियों के MR (Medical Representatives)। के जूतों की आहट ज्यादा सुनाई देती है। अनूपपुर की जनता अब सीधे जिला प्रशासन और कलेक्टर से सवाल पूछ रही है कि— “साहब, इन अस्पतालों का असली मालिक कौन है? जनता या यह कमीशनखोर सिंडिकेट?”

अस्पतालों पर ‘MR’ का कब्जा: नियम ताक पर

शासकीय नियमों के अनुसार, OPD के समय में डॉक्टरों को केवल और केवल मरीजों का परीक्षण करना चाहिए। लेकिन अनूपपुर के अस्पतालों में नजारा इसके ठीक उलट है। डॉक्टरों के केबिन के अंदर MR अपनी चमकदार फाइलों और सैंपलों के साथ घंटों जमे रहते हैं, जबकि बाहर दूर-दराज से आए गरीब ग्रामीण, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं अपनी बारी का इंतजार करते-करते निढाल हो जाते हैं।

कमीशन का खेल और महंगी पर्चियाँ

बड़ा सवाल यह है कि आखिर OPD समय में इन कंपनियों के नुमाइंदों को इतनी तवज्जो क्यों दी जा रही है? क्या इन बंद कमरों की मुलाकातों का नतीजा वह ‘महंगी पर्चियाँ’ हैं, जो गरीब मरीजों को अस्पताल की मुफ्त दवाओं के बजाय बाहर के निजी मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने पर मजबूर करती हैं? यह सीधे तौर पर गरीबों के हक पर डाका डालने जैसा है।

प्रशासनिक मौन पर खड़े हो रहे सवाल

कलेक्टर के सख्त निर्देशों के बावजूद अस्पतालों में इन बिचौलियों का प्रवेश कैसे हो रहा है?

 बीएमओ (BMO) और सिविल सर्जन मौन क्यों हैं?

 क्या अस्पताल प्रबंधन की इन मुलाकातों में कोई ‘मौन हिस्सेदारी’ है?

 सफेद कोट के पीछे छिपे इस काले सच पर कार्रवाई कब होगी?

जनता को ‘आश्वासन’ नहीं ‘एक्शन’ चाहिए

विजुअल्स और वायरल वीडियो साफ गवाही देते हैं कि कैसे डॉक्टर और MR एक साथ बैठकर ‘सैंपलों’ पर चर्चा करते हैं। यह स्थिति तब है जब जिला प्रशासन लगातार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने का दावा करता है। अनूपपुर की जनता अब कलेक्टर साहब की ओर देख रही है। क्या इन डॉक्टरों की मनमानी पर लगाम लगेगी या फिर सरकारी स्वास्थ्य तंत्र से जनता का भरोसा पूरी तरह उठ जाएगा?

अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस ‘कमीशनखोर सिंडिकेट’ पर क्या ठोस कार्रवाई करता है।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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