फर्जी जॉब कार्ड, बिल-वाउचर और ठेकेदारी पर उठे सवाल, योजना की पारदर्शिता पर बहस तेज
नई दिल्ली/भोपाल
ग्रामीण रोजगार की सबसे बड़ी योजना **महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA)** को लेकर अब गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। विभिन्न राज्यों से लगातार मिल रही शिकायतों के बीच कृषि विकास मंत्री **स्वराज सिंह** ने भी योजना में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को स्वीकार किया है।
मंत्री के बयान के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय बहस का केंद्र बन गया है कि क्या मनरेगा अपने मूल उद्देश्य—ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने—में सफल हो पाई है या नहीं।
शिकायतों के अनुसार कई स्थानों पर मनरेगा के तहत मजदूरों की जगह मशीनों से काम कराया जा रहा है, जो योजना के नियमों का सीधा उल्लंघन है। इसके साथ ही ठेकेदारों की संलिप्तता भी सामने आ रही है, जबकि योजना में ठेकेदारी पूरी तरह प्रतिबंधित है।-
जांच में यह भी सामने आया है कि कई जगह एक ही काम को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर अलग-अलग स्वीकृति ली जाती है। इसके अलावा फर्जी बिल, फर्जी वाउचर और फर्जी जॉब कार्ड बनाकर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि मजदूरों के खातों में पैसा डालकर बाद में उसे निकालकर बंदरबांट कर लिया जाता है।
कृषि विकास मंत्री स्वराज सिंह ने इन शिकायतों को गंभीर बताते हुए माना कि कुछ राज्यों में योजना के क्रियान्वयन में गड़बड़ियां सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इन मामलों की जांच कर रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की अनियमितताओं से योजना की विश्वसनीयता पर असर पड़ता है। मनरेगा का उद्देश्य ग्रामीण गरीबों को रोजगार और आर्थिक सुरक्षा देना था, लेकिन भ्रष्टाचार के आरोपों ने इसकी साख को कमजोर किया है।
नीति विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि योजना में पारदर्शिता बढ़ाने, डिजिटल मॉनिटरिंग मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर जवाबदेही तय करने की जरूरत है। साथ ही, शिकायतों के त्वरित निपटान के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करना भी जरूरी बताया जा रहा है।
मनरेगा में सामने आ रही अनियमितताओं ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या यह योजना अपने मूल उद्देश्यों को पूरा कर पा रही है या नहीं। अब निगाहें सरकार की कार्रवाई और सुधारात्मक कदमों पर टिकी हैं, जो तय करेंगे कि योजना का भविष्य क्या होगा।




