जिले में लंबित शिकायतों और सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के त्वरित निराकरण को लेकर कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने सख्त रुख अपनाया है।
जबलपुर
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने-अपने लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें, अन्यथा जिम्मेदारी तय की जाएगी।
कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में विभागवार सीएम हेल्पलाइन के मामलों की गहन समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों को चेताते हुए कहा कि शिकायतों के निपटारे में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आमजन की समस्याओं का समाधान ही प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
बैठक में राजस्व एवं खनिज विभाग से जुड़े मुद्दों पर विशेष चर्चा हुई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि राजस्व वसूली समय पर सुनिश्चित की जाए अतिक्रमण के मामलों में सख्त कार्रवाई हो सीलिंग प्रकरणों को गंभीरता से लिया जाए
सायबर तहसील और फार्मर रजिस्ट्री भी रडार पर
कलेक्टर ने सायबर तहसील में लंबित प्रकरणों, फार्मर रजिस्ट्री और न्यायालयीन अवमानना से जुड़े मामलों को भी गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन प्रकरणों में देरी से शासन की छवि प्रभावित होती है।
अवैध खनन पर जीरो टॉलरेंस
खनिज विभाग को निर्देशित करते हुए कलेक्टर ने कहा कि अवैध उत्खनन और परिवहन पर नियमित कार्रवाई की जाए पकड़ी गई अवैध रेत को पास के जिलों के एमडीओ को सौंपा जाए
अधिकारियों को सख्त संदेश
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक गहलोत सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने दो टूक कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टर के सख्त तेवर से स्पष्ट है कि अब जिले में लंबित प्रकरणों और अवैध गतिविधियों पर प्रशासन की पैनी नजर रहेगी। यदि निर्देशों का पालन नहीं हुआ तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।




