थाना ग्राम पंचायत में 1 एकड़ में 100 पौधों की बगिया विकसित — सभी बिल–वाउचर नरेगा पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश
पाटन जबलपुर
जनपद पंचायत पाटन के अंतर्गत ग्राम पंचायत थाना में संचालित “एक बगिया मां के नाम” योजना का आज जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) द्वारा विस्तार से निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान ग्राम की ममता बाई द्वारा विकसित की गई एक एकड़ भूमि में तैयार बगिया का सीईओ ने स्थल पर जाकर मूल्यांकन किया।
1 एकड़ में विकसित हुई ‘मां की बगिया’
ममता बाई ने अपनी एक एकड़ भूमि में कुल 100 पौधे रोपे हैं, जिनमें—50 पौधे आम के 50 पौधे अमरूद के बगिया को सुरक्षित रखने के लिए पूरे क्षेत्र में फेंसिंग भी की गई है। पौधारोपण से लेकर संरक्षा तक का पूरा कार्य योजना के उद्देश्य अनुसार प्रगति पर है।
बिल–वाउचर तुरंत अपलोड करने के सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान सीईओ महोदय ने संबंधित उपयंत्री साधना प्रधान को निर्देश जारी करते हुए कहा—“‘एक बगिया मां के नाम’ योजना से जुड़े सभी बिल, वाउचर एवं अभिलेख तत्काल नरेगा पोर्टल पर अपलोड किए जाएं।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि अभिलेखों का पोर्टल पर समय पर अपलोड होना पारदर्शिता, मॉनिटरिंग और भुगतान प्रक्रिया के लिए अत्यंत आवश्यक है।
जनपद स्तर पर भी दिए बड़े निर्देश
मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने आगे निर्देशित किया कि— जनपद पंचायत पाटन की सभी स्वीकृत ‘एक बगिया मां के नाम’ बगियाओं का डाटा नरेगा पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए। बिल–वाउचर, स्थल निरीक्षण, कार्य प्रारंभ एवं प्रगति की हर एंट्री को नियमित रूप से पोर्टल पर अपडेट किया जाए।
पौधों की सुरक्षा एवं सिंचाई के लिए फील्ड स्टाफ नियमित निगरानी सुनिश्चित करे।
सभी अधिकारी–कर्मचारी निरीक्षण में रहे उपस्थित
निरीक्षण के दौरान जनपद पंचायत पाटन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित संबंधित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे और उन्हें योजना क्रियान्वयन में गति लाने के निर्देश दिए गए।
यह निरीक्षण “एक बगिया मां के नाम” जैसी संवेदनशील एवं पर्यावरण उन्मुख योजना को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल ग्रामीण आजीविका को बल मिलेगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी बड़ा योगदान होगा।




