70 दिव्यांग बच्चों ने दिखाया आत्मविश्वास, सभी को मिले स्वेटर और सम्मान
मझौली, जिला जबलपुर | 05 दिसंबर 2025
समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत विश्व विकलांग दिवस के अवसर पर विकासखंड मझौली में CWSN (Children With Special Needs) बच्चों के लिए खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया।
स्थानीय श्री शंभू जी स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम में 70 दिव्यांग नन्हे प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और हौसले का दमदार प्रदर्शन कर सभी का दिल जीत लिया।
अतिथियों ने किया उत्साहवर्धन कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि —श्रीमती विद्या दिनेश चौरसिया, जनपद पंचायत मझौली श्री राजेश सिंह जिला सदस्य अध्यक्ष श्रीमती शिप्रा राजेंद्र चौरसिया, अध्यक्ष नगर परिषद मझौली श्री अतुल चौधरी सहायक संचालक श्री अनिल कुमार पीटर प्राचार्य इंद्रमणि त्रिपाठी, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता के करकमलों द्वारा किया गया।
सरस्वती पूजा, स्वागत व माल्यार्पण के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
मुख्य अतिथियों का बीआरसी श्री ब्रजकिशोर गर्ग तथा बीएससी श्री अरविंद चौबे एवं श्री पुष्पराज काछी द्वारा पुष्पगुच्छ से अभिनंदन किया गया।
विभिन्न प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं — 100 मीटर दौड़ कंचा-चम्मच दौड़ चित्रकला, रंगोली, मेहंदी, गायन,नृत्य,नाट्य एवं कविता ,मंच पर हर बच्चे ने अपनी विशिष्ट क्षमता और जज़्बे को प्रदर्शित कर तालियों की गड़गड़ाहट बटोरी।
श्री सोमनाथ कुशवाहा ने ब्रेल लिपि एवं सांकेतिक भाषा से जुड़े ज्ञान का प्रदर्शन कर जागरूकता बढ़ाई — यह कार्यक्रम की खास आकर्षण रहा।
प्रतियोगिताओं में विजयी बच्चों को —प्रमाण पत्र मेडल पुरस्कार प्रदान किए गए।
विशेष पहल के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित सभी दिव्यांग प्रतिभागियों को गर्म स्वेटर वितरण किया गया, जिससे बच्चों व अभिभावकों में खुशी की लहर दौड़ गई।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे —श्री बी. देवराज, श्री विजय पटेल, श्रीमती सुमिता दीवान, श्री कुलदीप निगम,श्री महेंद्र दहिया, श्री सुखनंदी भट्ट, श्रीमती कामना ठाकुर,सीएसी श्री राकेश कनौजिया, श्री ब्रजेश यादव, श्री रामसहाय गोटिया,रवि ठाकुर, विक्रम चौहान, अजेंद्र पटेल, विद्यालय के शिक्षक,एमआरसी श्री रोशन झरिया एवं अन्य अधिकारी/कर्मचारी कार्यक्रम के समापन पर एमआरसी श्री बंकट सिंह ने सभी अतिथियों, शिक्षकों व अभिभावकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा — “दिव्यांग बच्चे किसी से कम नहीं, उनका आत्मबल ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।




