पंचायत स्तर पर जारी भ्रष्टाचार पर कब कसेगा शिकंजा?

जांच के नाम पर समझौते का खेल! टिकुरी पंचायत भ्रष्टाचार मामले में उपयंत्री पर आवेदक को धमकाने और दबाव बनाने का सनसनीखेज आरोप

ग्राम पंचायत टिकुरी (जनपद मझौली) में लाखों के गबन का मामला पकड़ा तूल: सचिव और सरपंच पर शासकीय राशि व्यक्तिगत खातों में ट्रांसफर करने का संगीन आरोप।

जिला पंचायत CEO के आदेशों को भी ठेंगा! 1 सप्ताह में मांगी गई जांच रिपोर्ट हफ्तों बाद भी ठंडे बस्ते में, उल्टे आवेदक पर ही शिकायत वापस लेने की बन रही रणनीति

 उपयंत्री जे. गोविंद पटनायक के रवैये से आक्रोशित शिकायतकर्ता ने CEO जिला पंचायत जबलपुर का खटखटाया दरवाजा; निष्पक्ष जांच न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी।

मझौली / जबलपुर

शासन-प्रशासन भले ही पंचायती राज व्यवस्था में पारदर्शिता और ‘जीरो टॉलरेंस’ के बड़े-बड़े दावे करे, लेकिन धरातल पर भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों की साठगांठ इन दावों की धज्जियां उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। ताजा मामला जनपद पंचायत मझौली के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत टिकुरी का है, जहां वित्तीय अनियमितताओं और गबन की निष्पक्ष जांच करने पहुंची टीम खुद कटघरे में खड़ी हो गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जांच अधिकारी उन्हें न्याय दिलाने के बजाय आरोपियों को बचाने और मामला रफा-दफा करने के लिए उन पर  अनैतिक दबाव बना रहे हैं।

क्या है टिकुरी पंचायत का ‘महाघोटाऐला’?

मामला 12 मार्च 2026 का है, जब सतर्क नागरिक सुरेश बर्मन (निवासी 810 शिवनगर रेलवे क्रॉसिंग, गढ़ा, जबलपुर) ने ग्राम पंचायत टिकुरी के सचिव संतोष जैन एवं सरपंच श्रीमती सीता देवी के खिलाफ गंभीर वित्तीय धांधली का कच्चा चिट्ठा उजागर करते हुए जिला पंचायत जबलपुर में शिकायती पत्र सौंपा था।

शिकायत में सीधे तौर पर आरोप लगाया गया है कि:

 * पंचायत के विभिन्न शासकीय निर्माण कार्यों के नाम पर स्वीकृत राशि का बड़े पैमाने पर फर्जी आहरण किया गया।

 * सरकारी खजाने की इस राशि को ग्राम विकास में लगाने के बजाय सचिव ने चालाकी से अपने व्यक्तिगत खातों में ट्रांसफर (जमा) कर सीधे तौर पर गबन किया।

दस्तावेजों में जांच का आदेश, हकीकत में लीपापोती!

शिकायत की गंभीरता को देखते हुए कार्यालय जिला पंचायत जबलपुर (पत्र क्रमांक/572/शि.शाखा/2026, दिनांक 16.03.2026) के परिपालन में सीईओ जनपद पंचायत मझौली (क्रमांक/700/ज.पंचा/2026, दिनांक 01.04.2026) ने 3 सदस्यीय जांच दल का गठन किया था।

जांच दल में शामिल अधिकारी:

 1. श्री जे. गोविंद पटनायक (उपयंत्री, जनपद पंचायत मझौली)

 2. श्री पुसउराम बड़करे (पी.सी.ओ.)

 3. श्री सुधीर शुक्ला (एन.आर.एल.एम.)

आदेश पत्र में स्पष्ट उल्लेख था कि गठित जांच दल एक सप्ताह के भीतर मौके की निष्पक्ष जांच कर अनिवार्य रूप से अपनी प्रतिवेदन रिपोर्ट प्रस्तुत करे। परंतु एक सप्ताह की सीमा बीत जाने के बाद भी कोई पारदर्शी रिपोर्ट सामने नहीं आई—उल्टे जांच का रुख ही बदल दिया गया।

जांच की स्थिति पूछी तो कहा- समझौता कर लो!’

जांच अधिकारी की कार्यशैली से परेशान शिकायतकर्ता सुरेश बर्मन ने सीधे तौर पर उपयंत्री जे. गोविंद पटनायक की नीयत पर सवाल खड़े किए हैं। पीड़ित का कहना है कि जब भी वे जांच की प्रगति और दस्तावेजी स्थिति जानने के लिए अधिकारी से संपर्क करते हैं, तो उन्हें कोई जानकारी देने से साफ मना कर दिया जाता है।

जब-जब मैंने उपयंत्री श्री जे. गोविंद पटनायक जी से जांच की रिपोर्ट मांगी, तब-तब मुझे डराया-धमकाया गया और पंचायत के भ्रष्ट कारिंदों के साथ चुपचाप समझौता करने का अनैतिक दबाव बनाया गया। निष्पक्ष जांच करने के बजाय अधिकारी आरोपियों के ढाल बन चुके हैं।

सुरेश बर्मन (पीड़ित शिकायतकर्ता)

जिला पंचायत CEO से त्वरित हस्तक्षेप और दंडात्मक कार्रवाई की मांग

जांच अधिकारी के इस पक्षपातपूर्ण और संदेहास्पद रवैये से तंग आकर शिकायतकर्ता ने 8 मई 2026 को पुनः मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO), जिला पंचायत जबलपुर को एक नया आवेदन (शिकायती संलग्नकों सहित) सौंपकर पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप की गुहार लगाई है।

ग्राम पंचायत टिकुरी के नागरिकों और जागरूक ग्रामीणों में इस मामले को लेकर तीव्र आक्रोश व्याप्त है। सवाल यह उठता है कि:

 * यदि जांच की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारी ही आरोपियों के साथ साठगांठ कर समझौते की दलाली करेंगे, तो ग्रामीणों को न्याय कैसे मिलेगा?

 * शासकीय राशि के व्यक्तिगत खातों में आहरण जैसे स्पष्ट साक्ष्यों के बावजूद दोषियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज क्यों नहीं की जा रही?

 क्या जिला प्रशासन दोषी उपयंत्री और संबंधित भ्रष्ट पंचायत प्रतिनिधियों पर सख्त कार्रवाई करेगा, या फिर यह मामला भी फाइलों के ढेर में दबा दिया जाएगा?

मझौली दर्पण न्यूज़ इस मामले की तह तक नजर बनाए रखेगा। निष्पक्ष रिपोर्टिंग और

जनता के हक की लड़ाई जारी रहेगी।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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