कर्ज पूरा चुकाया, रसीदें भी हैं पास; फिर भी थमाए पौने 5 लाख के फर्जी नोटिस:

मझौली की ‘शक्ति समिति’ पर फूटा महिलाओं का गुस्सा, एफडी हड़पने का भी आरोप

मझौली (ब्यूरो)।

स्वावलंबन और आर्थिक सशक्तिकरण के नाम पर ग्रामीण महिलाओं को कर्ज के जाल में फंसाकर ठगने का सनसनीखेज मामला मझौली में उजागर हुआ है। स्थानीय ‘शक्ति महिला संघ बहुउद्देशीय सहकारी समिति’ पर स्व-सहायता समूहों की गरीब महिलाओं ने गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी, एफडी की राशि हड़पने और मनगढ़ंत बकाए के नाम पर लाखों रुपये के रिकवरी नोटिस भेजकर मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। सिहोरा और बहोरीबंद क्षेत्र के विभिन्न गांवों से मझौली थाने पहुंची दर्जनों पीड़ित महिलाओं ने समिति प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एफआईआर दर्ज करने और अपनी जमा पूंजी वापस दिलाने की मांग की है।

पाई-पाई चुकाई, फिर भी भेजा 4.72 लाख की वसूली का नोटिस

ग्राम देवरी सतधारा (तहसील सिहोरा) निवासी ममता बाई, विधा बाई, चैनाबाई, प्रेमलता, अर्चना, अनीता समेत 9 महिलाओं के समूह ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। महिलाओं ने बताया कि उन्होंने 26 सितंबर 2022 को शक्ति समिति मझौली से प्रति महिला 40 हजार रुपये का ऋण लिया था।

ऋण स्वीकृति के समय समिति ने प्रति महिला 40 हजार में से 4 हजार रुपये काटकर केवल 36 हजार रुपये नकद दिए और काटी गई रकम को एफडी बताया। इसके अलावा, नियमित मासिक किस्त के साथ 200 रुपये अतिरिक्त यह कहकर जमा कराए गए कि कर्ज अवधि समाप्त होने पर एफडी के 5,000 और अतिरिक्त जमा के 4,800 रुपये जोड़कर कुल 9,800 रुपये प्रति महिला वापस किए जाएंगे।

महिलाओं का कहना है कि उन्होंने निर्धारित समयसीमा में पूरा कर्ज चुकता कर दिया और उसकी एक-एक रसीद उनके पास सुरक्षित है। जब महिलाओं ने समिति से अपने 9,800 रुपये वापस मांगे, तो पैसे लौटाने के बजाय समिति ने उल्टे पूरे समूह को 4,72,517 रुपये (पौने पांच लाख रुपये) की बकाएदारी का लीगल नोटिस थमा दिया। अचानक लाखों रुपये का नोटिस देखकर महिलाएं सन्न रह गईं।

बहोरीबंद की महिलाओं से भी वही चाल: वापसी के बदले 36 हजार की मांग

धोखाधड़ी का यह अकेला मामला नहीं है। पड़ोसी तहसील बहोरीबंद के ग्राम गिदुरहा से आईं रोशनी बाई, दुर्गा बाई, मोहनी, सुशीला बाई सहित अन्य महिलाओं ने भी थाने में ऐसी ही आपबीती सुनाई।

महिलाओं ने बताया कि 17 अप्रैल 2024 को लिए गए ऋण को उन्होंने मय ब्याज समय पर चुकता कर दिया। तय अनुबंध के अनुसार ऋण समाप्त होने पर एफडी व अतिरिक्त कटौती के करीब 6 हजार रुपये प्रति महिला समिति को वापस करने थे। जब महिलाओं ने अपने वाजिब हक के पैसे मांगे, तो समिति ने उल्टे उन पर 36 हजार रुपये का नया कर्ज बकाया बताते हुए नोटिस जारी कर दिया।

फर्जीवाड़े के सिंडिकेट की आशंका, जांच में जुटी पुलिस

पीड़िताओं ने आरोप लगाया कि समिति प्रबंधन ग्रामीण क्षेत्रों की कम पढ़ी-लिखी और जरूरतमंद महिलाओं को पहले समूह ऋण का झांसा देता है, फिर एफडी व बचत के नाम पर अवैध कटौतियां करता है। कर्ज पूरा उतर जाने के बाद उनके वैध दस्तावेजों व हस्ताक्षरों का दुरुपयोग कर फर्जी बकाएदारी बनाई जा रही है ताकि महिलाएं डरकर अपनी बचत राशि छोड़ दें या और पैसे देने को मजबूर हों।

महिलाओं ने मझौली पुलिस को ऋण भुगतान की सभी मूल रसीदें और समिति द्वारा भेजे गए नोटिस सौंपते हुए प्रबंधन के जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी (चीटिंग) व गबन का आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की है। मझौली पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए समिति के वित्तीय लेन-देन और जारी किए गए नोटिसों की जांच शुरू कर दी है।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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