नगर परिषद की ‘स्वच्छता’ कागजों पर, हकीकत में कचरे के ढेर पर बैठा विभाग

 “स्वच्छ भारत अभियान” और “स्वच्छ सर्वेक्षण” के नाम पर जनता को स्वच्छता का पाठ पढ़ाने वाली नगर परिषद खुद गंदगी के दलदल में फंसी नजर आ रही है।

मझौली/जबलपुर

विडंबना देखिए कि जिस विभाग के कंधों पर पूरे शहर को साफ रखने की जिम्मेदारी है, उसका अपना परिसर और कार्यप्रणाली स्वच्छता के अभाव में दम तोड़ रही है।

: कथनी और करनी का अंतर

 खुद के आंगन में अंधेरा: नगर परिषद कार्यालय के आसपास और डंपिंग यार्ड्स की स्थिति बदतर है। दीवारों पर पान की पीक और कोनों में जमा धूल परिषद के दावों की पोल खोल रही है।

 संसाधनों का दुरुपयोग: लाखों रुपये की लागत से खरीदी गई कचरा गाड़ियाँ और सफाई उपकरण रखरखाव के अभाव में कबाड़ बन रहे हैं। कई वार्डों में कचरा कलेक्शन समय पर नहीं हो रहा है।

 जनता को उपदेश, खुद को छूट: परिषद आम नागरिकों पर गंदगी फैलाने के नाम पर जुर्माना तो वसूलती है, लेकिन सार्वजनिक नालियों और चौक-चौराहों पर जमा कचरे को हटाने में अपनी विफलता पर चुप्पी साधे रहती है।

अभियान या केवल इवेंट?

नगर के मुख्य मार्गों पर स्वच्छता के बड़े-बड़े होर्डिंग्स तो लगा दिए गए हैं, लेकिन वार्डों की गलियां आज भी कीचड़ और सड़ांध से भरी हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि परिषद का ध्यान केवल फोटो खिंचवाने और कागजी आंकड़े सुधारने पर है, जमीनी स्तर पर स्वच्छता कहीं दिखाई नहीं देती।

 1. क्या स्वच्छता के नियम केवल आम जनता और दुकानदारों के लिए हैं?

 2. परिषद के बजट का बड़ा हिस्सा सफाई पर खर्च होने के बावजूद परिणाम शून्य क्यों है?

 3. क्या प्रशासन केवल रैंकिंग सुधारने के लिए दिखावा कर रहा है?

जब रक्षक ही नियमों की अनदेखी करने लगे, तो शहर की तस्वीर कैसे बदलेगी? नगर परिषद को उपदेश देने से पहले खुद उदाहरण पेश करने की जरूरत है।”

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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