करोड़ों के उपार्जन गबन में फाइलों तक सिमटी ‘कुर्की’: सहकारिता कोर्ट के नोटिस बेअसर, रसूखदारों की संपत्ति जब्ती पर मेहरबान तंत्र

 * धारा 64 के प्रकरण में एकपक्षीय फैसले की चेतावनी के बाद भी ठंडे बस्ते में वसूली; न अवार्ड पारित हुआ, न चला कुर्की का डंडा

 * वेयरहाउस संचालक पर जिला बदर का एक्शन, मगर खाण्ड समिति के करोड़ों डकारने वाले पूर्व प्रबंधक, प्रभारी व ऑपरेटर से रिकवरी शून्य

 * धारा 85 के तहत राजस्व वसूली में देरी से उठे सवाल: क्या साठगांठ के चलते आरोपियों को संपत्ति ठिकाने लगाने की दी जा रही मोहलत?

जबलपुर/मझौली:

समर्थन मूल्य पर धान और गेहूं उपार्जन में हुए संगठित फर्जीवाड़े के उजागर होने के बाद भी शासन के करोड़ों रुपयों की वसूली कछुआ चाल की भेंट चढ़ चुकी है। न्यायालय उप पंजीयक (न्यायिक) सहकारी संस्थाएं जबलपुर द्वारा म.प्र. सहकारी समितियां अधिनियम 1960 की धारा 64 के तहत नोटिस जारी करने और एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी देने के महीनों बीत जाने के बाद भी जिम्मेदारों की संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। सवाल उठ रहे हैं कि जब जिला दंडाधिकारी स्तर से वेयरहाउस संचालक पर जिला बदर जैसी सख्त कार्रवाई हो चुकी है, तब सहकारिता विभाग द्वारा गबन की पाई-पाई वसूलने के लिए कुर्की का डंडा चलाने में किसके हाथ बंधे हैं?

नोटिस और पेशी की औपचारिकता में उलझी पूरी प्रक्रिया

विवाद प्रकरण क्रमांक DR/JBP/64-/2025-26/00002 में वृहताकार सेवा सहकारी समिति खाण्ड (तहसील मझौली) के प्रबंधक पंकज भिलमा ने संस्था के आर्थिक नुकसान और रिकॉर्ड में गड़बड़ी को लेकर याचिका दायर की थी। न्यायालय द्वारा जारी आदेश (क्रमांक/रीडर-2/2026/10) में स्पष्ट निर्देशित किया गया था कि अपैक्स बैंक (सिविक सेंटर) स्थित न्यायालय में सभी प्रतिवादी रिकॉर्ड सहित उपस्थित हों, अन्यथा एकपक्षीय आदेश (Ex-parte) पारित कर दिया जाएगा।

 विवाद प्रकरण की केस डायरी | विवरण 

| न्यायालयीन मंच | न्यायालय उप पंजीयक (न्यायिक) सहकारी संस्थाएं, जबलपुर |

| प्रकरण क्रमांक | DR/JBP/64-/2025-26/00002 (धारा 64) |

| याचिकाकर्ता (वादी) | वृहताकार सेवा सहकारी समिति खाण्ड, मझौली |

| नामजद प्रतिवादीगण | 1. विजय राय (तत्कालीन समिति प्रबंधक, रीठी)

2. दिनेश राव/राय (केंद्र प्रभारी, मुढ़िया मढ़ोद)

3. राम राय (कंप्यूटर ऑपरेटर, रानीताल)

4. मनीष सिंह (ग्राउंड सर्वेयर, उमरिया)

5. नीतेश पटेल (संचालक, मां रेवा वेयरहाउस) |

क्यों अटकी है कुर्की? प्रशासनिक लीपापोती पर तीन तीखे सवाल

1. अंतिम डिक्री (अवार्ड) पारित करने में हीलाहवाली क्यों?

सहकारिता अधिनियम की धारा 64 व 65 के अंतर्गत स्पष्ट प्रावधान है कि यदि प्रतिवादी समय पर रिकॉर्ड या जवाब प्रस्तुत नहीं करते हैं, तो न्यायालय को तत्काल अंतरिम या अंतिम अवार्ड पारित करना चाहिए। इसके बाद धारा 85 के तहत भू-राजस्व के बकाया (Arrears of Land Revenue) के रूप में वसूली का प्रकरण सीधे तहसीलदार/कलेक्टर को भेजा जाता है। इस न्यायिक प्रक्रिया में महीनों का विलंब आरोपियों को अपनी संपत्तियों को सुरक्षित करने का मौका दे रहा है।

2. चल-अचल संपत्तियों का अटैचमेंट क्यों नहीं हुआ?

उपार्जन में हजारों क्विंटल धान के अंतर और करोड़ों के वित्तीय घाटे की भरपाई के लिए तत्कालीन समिति प्रबंधक, केंद्र प्रभारी और वेयरहाउस संचालक की जमीन, बैंक खाते और संपत्तियों की जानकारी राजस्व विभाग से लेकर कुर्की-पूर्व जब्ती (Pre-judgment Attachment) की जा सकती थी। इस दिशा में कोई ठोस पत्राचार न होना गहरी मिलीभगत की ओर इशारा करता है।

3. सरकारी नुकसान की भरपाई पर मौन क्यों?

वेयरहाउस संचालक नीतेश पटेल के खिलाफ सिहोरा व मझौली थाने में 20 हजार क्विंटल धान गायब करने और 1.39 करोड़ की गड़बड़ी के तीन गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। जिला दंडाधिकारी राघवेंद्र सिंह ने उसे 8 जिलों की सीमाओं से 4 माह के लिए जिला बदर कर दिया है। लेकिन आपराधिक कार्रवाई के साथ-साथ सहकारिता विभाग द्वारा वित्तीय गबन की रिकवरी के लिए कुर्की न करना संस्थागत शिथिलता को दर्शाता है।

रिकवरी न होने से खाण्ड समिति और किसानों पर गहराया संकट

उपार्जन घोटाले की भरपाई न होने का सीधा असर खाण्ड प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति की वित्तीय साख पर पड़ रहा है। यदि गबन की गई राशि की तत्काल कुर्की कर भरपाई नहीं की गई, तो आगामी सीजन में क्षेत्रीय किसानों को खाद, बीज और शून्य प्रतिशत ब्याज पर मिलने वाले फसली ऋण की आपूर्ति सीधे तौर पर प्रभावित होगी। क्षेत्र के किसानों और जागरूक नागरिकों ने कलेक्टर एवं सहकारिता पंजीयक से मांग की है कि प्रकरण में तत्काल अंतिम आदेश पारित कर दोषियों की संपत्तियां नीलाम कर शासकीय राशि की वसूली सुनिश्चित की जाए।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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