खेतों में धड़ल्ले से प्लॉटिंग का खेल, आधा दर्जन वार्डों में बिना अनुमति तन रहीं अवैध कॉलोनियां; करोड़ों के राजस्व नुकसान की आशंका

जबलपुर जिले की नगर परिषद मझौली में अनधिकृत कॉलोनाइजिंग का कारोबार बेखौफ जारी है।

मझौली/जबलपुर

नियमों, कायदों और वैधानिक प्रक्रियाओं को दरकिनार कर कृषि योग्य जमीनों को टुकड़ों में काटकर बेचे जाने का बड़ा मामला सामने आया है। नगर के प्रमुख मार्गों, वार्डों और प्रशासनिक दफ्तरों की नाक के नीचे बिना डायवर्जन, बिना टीएंडसीपी (नगर एवं ग्राम निवेश) स्वीकृति और बिना रेरा (RERA) रजिस्ट्रेशन के प्लॉटिंग का खेल धड़ल्ले से चल रहा है, जिससे शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व का चूना लग रहा है।

स्थानीय निवासियों और प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर परिषद क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण वार्डों और प्रमुख सड़कों के किनारे बिना वैधानिक अनुमतियों के कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं:

 वार्ड क्रमांक 2 (बचैया रोड): कृषि भूमि पर चूना डालकर और कच्चे रास्ते बनाकर तेजी से भूखंडों का क्रय-विक्रय किया जा रहा है।

 सिहोरा रोड (वार्ड क्रमांक 7): मुख्य सड़क से लगे कृषि क्षेत्रों में बिना विकास अनुमति (Development Permission) के व्यावसायिक व आवासीय प्लॉट काटे जा रहे हैं।

 तहसील कार्यालय के पीछे (वार्ड क्रमांक 15): प्रशासनिक परिसर के ठीक पीछे धड़ल्ले से अवैध कॉलोनाइजिंग हो रही है, जिससे राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

 सुहजनी रोड (वार्ड क्रमांक 12): इस क्षेत्र में भी नियमों की अनदेखी कर बिना मास्टर प्लान और बिना ले-आउट पास कराए जमीनों का सौदा जारी है।

शासन को करोड़ों का नुकसान, खरीदारों के भविष्य पर संकट

बिना कृषि भूमि का व्यपवर्तन (डायवर्जन) कराए और कॉलोनाइज़र लाइसेंस के बिना हो रही इस प्लॉटिंग से शासन को मिलने वाले पंजीयन शुल्क, डायवर्जन टैक्स और विकास शुल्क का भारी नुकसान हो रहा है।

इसके साथ ही, सस्ते और प्रलोभन के चक्कर में प्लॉट खरीदने वाले आम नागरिकों के सामने भविष्य में बड़ा संकट खड़ा हो सकता है:

 नामांतरण व होम लोन में अड़चन: ले-आउट स्वीकृत न होने के कारण खरीदारों को बैंक लोन और नामांतरण कराने में भारी कानूनी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।

 मूलभूत सुविधाओं का अभाव:‌ बिना विकास अनुमति के कटी इन कॉलोनियों में भविष्य में पक्की सड़क, नाली, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी नागरिक सुविधाएं मिलना बेहद कठिन हो जाएगा।

 निष्पक्ष जांच और एफआईआर (FIR) की मांग

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि संबंधित जिम्मेदार विभागों की अनदेखी के चलते भू-माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। नागरिकों ने जबलपुर जिला कलेक्टर, एसडीएम सिहोरा और तहसीलदार मझौली से मांग की है कि वार्ड 2, 7, 12, 15 सहित संपूर्ण नगर परिषद क्षेत्र में विकसित हो रही कॉलोनियों के दस्तावेजों की सघन जांच कराई जाए। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन या अवैध प्लॉटिंग पाई जाती है, तो संबंधित कॉलोनाइजरों के खिलाफ प्राथमिक दर्ज कर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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