भारत सरकार की आगामी जनगणना 2027 के सफल क्रियान्वयन हेतु तहसील मझौली के अंतर्गत ‘चार्ज मझौली’ में प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू हो गई हैं।
मझौली (जबलपुर)
जनगणना के प्रथम चरण, जिसे मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (HLO) कहा जाता है, के लिए वर्चुअल क्लासरूम के माध्यम से तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया।
1 मई से शुरू होगा घर-घर दस्तक का सिलसिला
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, तहसील क्षेत्र में 1 मई से 30 मई तक मकान गणना का कार्य किया जाना है। इस दौरान प्रशिक्षित प्रगणक (Enumerators) और पर्यवेक्षक (Supervisors) घर-घर जाकर डेटा एकत्रित करेंगे। जिला कार्यालय द्वारा तय किए गए शेड्यूल के अनुसार, इस बार पूरी प्रक्रिया को आधुनिक और पेपरलेस बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
डिजिटल ऐप और 33 प्रश्नों के जरिए होगी गणना
प्रशिक्षण के दौरान फील्ड ट्रेनर्स ने बताया कि इस बार गणना का कार्य पारंपरिक कागजी रजिस्टरों के बजाय ऑनलाइन मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से किया जाएगा। वर्चुअल क्लासरूम में आयोजित इस तीन दिवसीय ट्रेनिंग में दो मुख्य फील्ड ट्रेनर्स द्वारा डिजिटल विधियों, कानूनी प्रावधानों और मकान नंबरिंग की बारीकियों को समझाया गया।
मुख्य बिंदु जो प्रशिक्षण में शामिल रहे:
सटीक डेटा: मोबाइल ऐप के माध्यम से रियल-टाइम डेटा एंट्री।
प्रश्नावली: गणना के दौरान प्रत्येक परिवार से 33 महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे जाएंगे।
कानूनी प्रावधान:जनगणना कार्य में गोपनीयता और वैधानिक नियमों की जानकारी दी गई।
नंबरिंग: मकानों पर नंबर डालने की प्रक्रिया और नक्शा तैयार करने का प्रशिक्षण।
मार्च-अप्रैल में तैयार किए गए मास्टर ट्रेनर्स
उल्लेखनीय है कि जनगणना 2027 के इस प्रथम चरण के लिए जिला स्तर पर फील्ड ट्रेनर्स का प्रशिक्षण मार्च और अप्रैल 2026 में ही संपन्न कर लिया गया था। अब यही प्रशिक्षित ट्रेनर तहसील स्तर पर प्रगणकों को तैयार कर रहे हैं, ताकि मई माह में होने वाले मैदानी कार्य में किसी भी प्रकार की तकनीकी त्रुटि न हो।
मझौली प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि जब गणना दल उनके घर पहुंचे, तो उन्हें सही जानकारी देकर राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य में सहयोग प्रदान करें।
रिपोर्ट: ब्यूरो चीफ, मझौली
मझौली दर्पण न्यूज़




