पाटन-मझौली में सियासी भूचाल: ‘घोटालेबाज़ों के संरक्षक अब किसानों के हमदर्द बनने का ढोंग कर रहे’ — ठाकुर मनोहर सिंह का विधायक अजय विश्नोई पर जोरदार प्रहार

क्षेत्रीय राजनीति में एक बार फिर गर्माहट आ गई है। गेहूं और धान खरीदी में हुए बहुचर्चित घोटाले को लेकर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता ठाकुर मनोहर सिंह ने पाटन के क्षेत्रीय विधायक अजय विश्नोई के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए बेहद संगीन और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं।

पाटन/मझौली (जबलपुर)

मनोहर सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि जो विधायक सोशल मीडिया और अखबारों में विधानसभा में किसानों के भुगतान की आवाज़ उठाने का ढिंढोरा पीट रहे हैं, दरअसल वही इस पूरे महाघोटाले के मुख्य सूत्रधार और संरक्षकों में शामिल हैं।

1. नौटंकी और क्रेडिट चोरी का खेल: ‘जब फँसने लगे तो ध्यानाकर्षण का नाटक रचा

ठाकुर मनोहर सिंह ने विधायक अजय विश्नोई की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि विधायक का यह कदम केवल अपनी साख बचाने और झूठी वाहवाही लूटने की नाकाम कोशिश है।

 लखन घनघोरिया के प्रश्न से घबराए विधायक: मनोहर सिंह ने खुलासा किया कि जबलपुर पूर्व से कांग्रेस विधायक श्री लखन घनघोरिया ने विधानसभा में पहले ही प्रश्न लगा दिया था कि पिछले 2 वर्षों से किसानों का भुगतान क्यों अटका है और इसकी जांच क्यों नहीं हुई?’

 क्रेडिट छीनने की हड़बड़ी: जैसे ही क्षेत्रीय विधायक को भनक लगी कि घनघोरिया के प्रश्न से उनका और उनके करीबियों का पर्दाफाश होने वाला है, उन्होंने तुरंत ‘ध्यानाकर्षण प्रस्ताव’ के जरिए यह मुद्दा उठाकर खुद को किसानों का मसीहा दिखाने का नौटंकी भरा पैंतरा चला।

2. असली किसानों को ‘फर्जी’ बनाया, चहेतों की जेबें भरीं

मनोहर सिंह ने आरोप लगाया कि गेहूं-धान खरीदी का यह पूरा भ्रष्टाचार विधायक के इशारे और उनके संरक्षण में पनपा है:

 असली किसान लाचार, फर्जी मालामाल: क्षेत्रीय विधायक के करीबी लोगों ने फर्जी किसानों के नाम पर लाखों-करोड़ों रुपये का भुगतान हड़प लिया। वहीं दूसरी ओर, जब क्षेत्र के वास्तविक और पसीना बहाने वाले किसानों ने अपना हक मांगा, तो उन्हें ही ‘फर्जी’ करार दे दिया गया।

 विधानसभा में तीखी नोंक-झोंक: विधानसभा सत्र के दौरान जब जबलपुर पूर्व विधायक लखन घनघोरिया ने पाटन विधायक को घेरा, तो दोनों में तीखी बहस हुई। घनघोरिया ने भी भरी सभा में पाटन विधायक को आईना दिखाते हुए कहा कि ‘यह पूरा घोटाला आपके ही संरक्षण में हुआ है।’

3. जांच रिपोर्ट में हेरफेर और ‘कच्ची चिट्ठी’ का सनसनीखेज खुलासा

ठाकुर मनोहर सिंह ने इस पूरे मामले को साबित करने के लिए दस्तावेज और लेन-देन का कच्चा चिट्ठा (हिसाब की पर्ची) सार्वजनिक करने का दावा किया है।

दबाव में बदलवाई गई पहली जांच रिपोर्ट

 मनोहर सिंह का सीधा आरोप है कि घोटाले की निष्पक्ष जांच रिपोर्ट पहले ही तैयार हो चुकी थी, लेकिन अपने ‘चेलों-चपाटों’ को बचाने के लिए विधायक ने प्रशासनिक रसूख और दबाव का इस्तेमाल कर दूसरी फर्जी जांच रिपोर्ट बनवाई। उद्देश्य केवल उन करीबियों को बचाना था जो इस घोटाले की काली कमाई में से विधायक तक हिस्सा पहुँचा रहे थे।

तहसीलदार को ₹50,000 की रिश्वत का ब्योरा

मनोहर सिंह ने दावा किया कि उनके पास उस समय के खर्चे की कच्ची चिट्ठी’ मौजूद है, जिसमें स्पष्ट रूप से दर्ज है कि विधायक के चहेते तत्कालीन तहसीलदार दिलीप हनुमंत को ₹50,000 का भुगतान किया गया था। इस पर्ची में भ्रष्टाचार के अन्य खर्चों का भी काला चिट्ठा दर्ज है।

जनता देख रही है ‘रंग बदलने वाले विधायक’ का असली चेहरा

ठाकुर मनोहर सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि “पाटन-मझौली की जनता अब इस रंग बदलने वाले नेता के झूठ और फरेब को अच्छी तरह समझ चुकी है। श्रेय लेने के लिए लगातार झूठ बोलना और भ्रष्टाचार पर पर्दा डालना इनकी आदत बन चुकी है।”

इस सनसनीखेज खुलासे, जांच रिपोर्ट में हेरफेर के सबूतों और ₹50,000 की रिश्वत वाली ‘कच्ची पर्ची’ के सामने आने के बाद पूरे पाटन-मझौली क्षेत्र के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। ठगे गए किसान अब इस पूरे मामले की किसी निष्पक्ष और उच्चस्तरीय एजेंसी से जांच कराने की मांग कर रहे हैं।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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