खांड उपार्जन केंद्र में करोड़ों का धान घोटाला: बिना एक दाना आए पोर्टल पर चढ़ी 4800 क्विंटल धान, ऑपरेटर की आईडी चुराकर बिचौलियों ने रची साजिश

कलेक्टर तक पहुंची कॉल रिकॉर्डिंग, व्हाट्सएप चैट व पीडीएफ साक्ष्य; केंद्र क्रमांक 01 में 6068 क्विंटल धान का भारी अंतर

मझौली/जबलपुर

समर्थन मूल्य (MSP) पर किसानों की उपज खरीदने की सरकारी व्यवस्था में बिचौलियों और भ्रष्ट तंत्र ने मिलकर करोड़ों रुपये की सेंध लगा दी है। तहसील मझौली अंतर्गत वृहत्ताकार साख सहकारी समिति खांड के उपार्जन केंद्रों से फर्जीवाड़े का सनसनीखेज मामला सामने आया है। उपार्जन केंद्र पर धान की एक बोरी पहुंचे बिना ही पोर्टल पर करीब 4817 क्विंटल धान की फर्जी एंट्री दर्ज कर सरकारी खजाने में डाका डालने की साजिश रची गई। इस पूरे खेल का खुलासा पुख्ता साक्ष्यों के साथ जिला कलेक्टर जबलपुर को सौंपे गए शिकायती पत्र से हुआ है।

कागजों में बिकी धान, प्रांगण रहा खाली: 6068 क्विंटल का बड़ा घालमेल

शिकायत के अनुसार, धान उपार्जन वर्ष 2024-25 के दौरान सहकारी समिति खांड के उपार्जन केंद्र क्रमांक 01 एवं 03 पर बड़े पैमाने पर खेल किया गया। केंद्र क्रमांक 01 के भौतिक सत्यापन और पोर्टल आंकड़ों में सीधे तौर पर 6068 क्विंटल धान की भारी कमी दर्ज की गई है।

आरोप है कि बिचौलिए व्यापारी नरेंद्र गुप्ता और आकाश साहू ने सुनियोजित तरीके से 8, 10 और 23 जनवरी को सांठगांठ कर पोर्टल पर 4615.20 क्विंटल धान की फर्जी पुर्जी काट दी। इसके अतिरिक्त 4 अन्य किसानों के नाम पर 202 क्विंटल की प्रविष्टि चढ़ाई गई। कुल मिलाकर 40 चिन्हित किसानों के नाम का दुरुपयोग करते हुए 4817 क्विंटल 20 किलोग्राम धान की कागजी खरीद दर्शा दी गई, जबकि भौतिक रूप से उपार्जन केंद्र के प्रांगण में धान पहुंची ही नहीं थी।

आईडी-पासवर्ड चुराकर बाहर से किया पोर्टल हैक जैसा खेल

घोटाले की कार्यप्रणाली बेहद चौंकाने वाली है। केंद्र क्रमांक 03 के कंप्यूटर ऑपरेटर श्रीराम राय के बयान अनुसार, 8 जनवरी 2025 को जब वे उपार्जन पोर्टल लॉगिन कर रहे थे, तभी केंद्र क्रमांक 01 के ऑपरेटर आकाश साहू ने नजर बचाकर उनका आईडी और पासवर्ड देख लिया।

इसके बाद ऑपरेटर की आईडी का दुरुपयोग कर खरीदी केंद्र परिसर से बाहर किसी निजी स्थान पर बैठकर धड़ाधड़ फर्जी प्रविष्टियां कर दी गईं। इसी कड़ी में दिनेश रावत नामक व्यक्ति द्वारा स्वयं 1000 क्विंटल धान की बोगस एंट्री कराने की बात भी सामने आई है, जिसका संपूर्ण विवरण और कबूलनामा जांच के दायरे में है।

कलेक्टर के पाले में गेंद: कॉल रिकॉर्डिंग और चैट बने गले की फांस

मामले को रफा-दफा होने से बचाने के लिए शिकायतकर्ता ने जबलपुर कलेक्टर के समक्ष अकाट्य डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं:

 * कॉल रिकॉर्डिंग्स: बिचौलियों, व्यापारियों और ऑपरेटरों के बीच फर्जी पुर्जी काटने व लेन-देन को लेकर हुई बातचीत के ऑडियो।

 * व्हाट्सएप चैटिंग: सौदेबाजी, किसान सूची के आदान-प्रदान और भुगतान संबंधी चैट के स्क्रीनशॉट।

 * 3 विस्तृत PDF दस्तावेज: फर्जीवाड़े में उपयोग किए गए 40 किसानों के नाम, रकबा और चढ़ाई गई 4817 क्विंटल धान की सिलसिलेवार सूची।

 इनका कहना है:

 सरकारी योजना को चूना लगाने वाले बिचौलियों, आईडी चोरी कर फर्जी एंट्री करने वाले ऑपरेटरों और पर्दे के पीछे बैठे जिम्मेदार संरक्षकों पर आपराधिक षड्यंत्र और धोखाधड़ी की धाराओं में तत्काल एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। यदि निष्पक्ष जांच हुई, तो क्षेत्र के कई बड़े सिंडिकेट बेनकाब होंगे।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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