मध्य प्रदेश के पिछोर से भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी एक बार फिर अपने विवादित बयानों के कारण कानूनी और राजनीतिक मुश्किलों में घिरते नजर आ रहे हैं।
भोपाल/शिवपुरी
हाल ही में एक युवा IPS अधिकारी के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी और धमकी देने के मामले में **मध्य प्रदेश IPS एसोसिएशन** ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए प्रेस नोट जारी किया है
यह विवाद तब शुरू हुआ जब 16 अप्रैल को शिवपुरी के करैरा में प्रीतम लोधी के बेटे, दिनेश लोधी की थार गाड़ी से एक सड़क हादसा हुआ, जिसमें 5 लोग घायल हो गए। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई और करैरा SDOP आयुष जाखड़ (IPS) द्वारा की गई पूछताछ से नाराज होकर विधायक ने एक वीडियो जारी किया।
वीडियो में विधायक ने न केवल अधिकारी के खिलाफ जातिगत और अभद्र टिप्पणी की, बल्कि उनके घर को **’गोबर से भर देने’ और हजारों समर्थकों के साथ घेराव करने की धमकी भी दी।
विधायक के इस व्यवहार पर IPS एसोसिएशन ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष चंचल शेखर द्वारा जारी प्रेस नोट में कहा गया:
अमर्यादित व्यवहार:विधायक की भाषा सार्वजनिक सेवा की गरिमा के खिलाफ और लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लंघन है।
मनोबल गिराने की कोशिश: इस तरह की धमकियां ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों के मनोबल को प्रभावित करती हैं।
कड़ी कार्रवाई की मांग: एसोसिएशन ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि एक लोक सेवक को धमकाने और जातिगत टिप्पणी करने के मामले में उचित कानूनी कदम उठाए जाएं।
कांग्रेस ने इस मुद्दे को हाथों-हाथ लिया है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि सत्ता के नशे में विधायक अब वर्दी का अपमान कर रहे हैं। वहीं, भाजपा आलाकमान ने भी मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए रिपोर्ट तलब की है।
संपादन नोट:प्रीतम लोधी पहले भी अपने बयानों के चलते पार्टी से निष्कासित हो चुके हैं। इस बार सीधे IPS अधिकारियों से मोर्चा लेना उनके लिए बड़ी मुसीबत का सबब बन सकता है।




