वन अधिकार अधिनियम के तहत बड़ी पहल: ग्राम सभाओं को सौंपे जाएंगे सामुदायिक वनों के अधिकार, कलेक्टर ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश

जल, जंगल, जमीन पर हक: वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत स्थानीय समुदायों को आत्मनिर्भर बनाने की कवायद तेज।

 102 ग्रामों की सूची तैयार: बडवारा, विजयराघवगढ़, बहोरीबंद, रीठी और ढीमरखेड़ा विकासखंड के गांवों में प्रक्रिया शुरू।

 तकनीकी सहायता: दावों को त्रुटिहीन बनाने के लिए ‘वसुंधरा’ संस्था और आईटी एक्सपर्ट्स की ली जा रही है मदद।

कटनी (मध्य प्रदेश):

कटनी जिले में जनजातीय और पारंपरिक वन निवासी समुदायों के कल्याण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत अब सामुदायिक वनों के संसाधन, संरक्षण और प्रबंधन के अधिकार सीधे ग्राम सभाओं के हाथों में सौंपे जाएंगे। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने वन संसाधनों पर स्थानीय समुदायों के पारंपरिक अधिकारों को सुदृढ़ करने के लिए जिले के सभी एसडीएम (SDM) और जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (CEO) को तत्काल और प्रभावी कार्यवाही करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

जिले के 102 संभावित गांवों की प्रारंभिक सूची तैयार

कलेक्टर के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन ने कटनी जिले के विभिन्न विकासखंडों—बडवारा, विजयराघवगढ़, बहोरीबंद, रीठी और ढीमरखेड़ा—के अंतर्गत आने वाले संभावित 102 गांवों की एक प्रारंभिक सूची तैयार की है। ये वे गांव हैं जहां छोटे-बड़े झाड़ के जंगल मौजूद हैं या जो पूरी तरह से वन सीमा से लगे हुए हैं। इन क्षेत्रों में सामुदायिक दावों की प्रबल संभावनाओं को देखते हुए प्राथमिकता के आधार पर काम शुरू कर दिया गया है।

 ग्राम सभाएं करेंगी वनों का संरक्षण और प्रबंधन

अधिनियम की मूल भावना के तहत, ग्राम सभाओं को उन सामुदायिक वन संसाधनों को संरक्षित, पुनर्जीवित और प्रबंधित करने का विधिक अधिकार दिया जाना है, जिनका वे सदियों से पारंपरिक रूप से उपयोग और सुरक्षा करते आ रहे हैं। इस पहल से न केवल वनों का संरक्षण बेहतर होगा, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों की आजीविका के साधन भी मजबूत होंगे।

कलेक्टर श्री आशीष तिवारी का निर्देश:

ग्रामीण स्तर पर दावों को तैयार करने में कोई भी तकनीकी कठिनाई नहीं आनी चाहिए। इसके लिए ‘वसुंधरा’ संस्था के विशेषज्ञों और विभाग के आईटी एक्सपर्ट्स के मोबाइल नंबर भी जारी किए गए हैं, जो मैदानी स्तर पर तकनीकी सहायता प्रदान करेंगे।”

 पाक्षिक बैठकें और हर महीने भेजी जाएगी रिपोर्ट

इस पूरी प्रक्रिया को समय-सीमा में पूरा करने के लिए एक सख्त मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया गया है। कलेक्टर श्री तिवारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि:

 ग्राम, उपखंड (Sub-division) और जिला स्तर पर हर 15 दिन में (पाक्षिक) बैठकें आयोजित की जाएं।

  प्राप्त होने वाले सामुदायिक दावों का त्वरित और निष्पक्ष निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

  इस पूरी प्रगति की विस्तृत मासिक रिपोर्ट आयुक्त, जनजातीय क्षेत्रीय विकास योजनाएं को नियमित रूप से भेजी जाए।

प्रशासन की इस सक्रियता से कटनी जिले के वनांचलों में रहने वाले परिवारों में खुशी की लहर है। वनों के प्रबंधन का अधिकार सीधे जनता के हाथ में आने से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ‘Local Self-Governance’ (स्थानीय स्वशासन) की अवधारणा को धरातल पर मजबूती मिलेगी।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

Latest News

Stay Connected

0FansLike
28FollowersFollow
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Most View