गौवंश की मौतों के बीच महिला स्व सहायता समूह को हटाने का प्रस्ताव, फिर भी कार्रवाई अधर में
मझौली (जबलपुर)
ग्राम पंचायत हटोली अंतर्गत संचालित गोकुल गौशाला नरिला में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं और गौवंश की मौतों के बीच अब प्रशासनिक कार्रवाई पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, महिला स्व सहायता समूह के मैनेजर प्रकाश पांडेय द्वारा स्वयं ही समूह को हटाने का प्रस्ताव जनपद पंचायत मझौली के सीईओ को सौंपा गया है। हालांकि, इस प्रस्ताव के बावजूद अब तक न तो समूह को हटाया गया है और न ही किसी नए समूह या समिति को जिम्मेदारी सौंपी गई है
स्थानीय स्तर पर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं कि:गौशाला में चारा और पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं बीमार पशुओं के उपचार में लापरवाही प्रबंधन में अव्यवस्था और अनियमितताएं
इन कारणों से गौवंश की मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ब्लॉग ओफिसर के द्वारा समूह को हटाने का प्रस्ताव दिया गया प्रस्ताव जनपद पंचायत स्तर पर लंबित पड़ा है
अभी तक नई व्यवस्था लागू नहीं की गई
इससे यह सवाल उठ रहा है कि आखिर कार्रवाई में देरी क्यों?
इतने गंभीर मामलों के बावजूद:जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं न जांच की स्थिति स्पष्ट, न कार्रवाई की समयसीमा इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
पूरे मामले की निष्पक्ष जांच दोषियों पर कड़ी कार्रवाई गौवंश की सुरक्षा के लिए स्थायी और जिम्मेदार प्रबंधन
जब गौशाला में लगातार मौतें हो रही हैं, तो जिम्मेदारी तय करने में देरी क्यों?
क्या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?
(मझौली दर्पण न्यूज)
“गौवंश की मौतें और सिस्टम खामोश—जवाबदेही कब तय होगी?”




