भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार: बिना निर्माण कराए 1.28 करोड़ का घपला, कटोरी सरपंच आरती लोधी पद से बर्खास्त

शहपुरा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत कटोरी में बड़े वित्तीय घोटाले का भंडाफोड़

 * जिला पंचायत CEO अभिषेक गहलोत ने पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 के तहत की कार्रवाई

 * सरपंच, पति और फर्जी वेंडरों के नाम बिल लगाकर राशि आहरण करने का खुलासा

शहपुरा/जबलपुर

शहपुरा जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कटोरी में विकास कार्यों के नाम पर हुए करोड़ों रुपये के वित्तीय घोटाले में जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) अभिषेक गहलोत ने गंभीर वित्तीय अनियमितता, फर्जीवाड़े और बिना कार्य कराए सरकारी खजाने को चूना लगाने के आरोपों में ग्राम पंचायत कटोरी की सरपंच श्रीमती आरती लोधी को तत्काल प्रभाव से पद से पृथक (बर्खास्त) कर दिया है। यह दंडात्मक कार्रवाई मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40 के तहत की गई है।

कागजों पर बनीं सड़कें, 1.28 करोड़ रुपये का अंतर

जिला पंचायत कार्यालय से प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, ग्राम पंचायत कटोरी में वर्ष 2022 से 2025-26 के दौरान विभिन्न निर्माण कार्यों के मद में लगभग 2 करोड़ 80 लाख रुपये आहरित कर मौके पर कार्य न कराए जाने की शिकायतें प्राप्त हुई थीं।

जनपद पंचायत शहपुरा द्वारा कराई गई प्रारंभिक तकनीकी जांच में पंचायत के बड़े फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई:

 * कुल आहरित राशि: ₹2,26,95,900

 * मौके पर पाए गए कार्य का मूल्य: ₹98,94,900

 * सीधा वित्तीय अंतर (घोटाला): ₹1,28,01,000

जांच में यह भी सामने आया कि मध्यप्रदेश भंडार क्रय नियमों को ताक पर रखकर बिना पंजीकृत (रजिस्टर्ड) वेंडरों के खातों में लाखों रुपये का अवैध भुगतान किया गया।

पुनः जांच में खुली पोल: 15 लाख की सड़क गायब, स्वजनों के नाम लगे फर्जी बिल

जनपद स्तरीय जांच दल की रिपोर्ट के बाद सरपंच आरती लोधी और सचिव जितेन्द्र महता ने पुनः मूल्यांकन की अपील की थी। इस पर जिला पंचायत CEO ने जिला स्तरीय विशेष जांच दल गठित कर मौके का भौतिक सत्यापन कराया। जिला स्तरीय दल की जांच में और भी चौंकाने वाले तथ्य सामने आए:

 * बिना सड़क बने 15 लाख का आहरण: ग्राम जमुनिया में ‘प्रधानमंत्री सड़क से अमृत सरोवर की ओर’ सीसी सड़क निर्माण के नाम पर 14 लाख 99 हजार रुपये की राशि निकाल ली गई, जबकि धरातल पर एक इंच भी सड़क का निर्माण नहीं हुआ था।

 * फर्जी टेंडरों और बिलों का जाल: जांच प्रतिवेदन में स्पष्ट हुआ कि सरपंच ने अपने स्वयं के नाम, अपने पति के नाम तथा अन्य फर्जी टेंडरों/वेंडरों के फर्जी बिल लगाकर पंचायत के खाते से शासकीय राशि का बंदरबांट किया।

नोटिस और सुनवाई के बाद अंतिम आदेश

प्रकरण में विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए सरपंच आरती लोधी को ‘कारण बताओ सूचना पत्र’ जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया था। सरपंच द्वारा प्रस्तुत जवाब, जिला स्तरीय जांच दल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी (जनपद पंचायत शहपुरा) और अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व, शहपुरा) के जांच प्रतिवेदनों के विस्तृत परीक्षण में सरपंच का स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाया गया।

जिला पंचायत CEO अभिषेक गहलोत ने अपने आदेश में रेखांकित किया कि गैर-पंजीकृत वेंडरों को भुगतान करना, कागजी सड़कों पर राशि आहरित करना तथा खुद व परिजनों के नाम फर्जी बिलों से शासकीय धन निकालना गंभीर आचरणहीनता और म.प्र. पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 का स्पष्ट उल्लंघन है। सार्वजनिक धन के दुरुपयोग और पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में घोर लापरवाही सिद्ध होने पर सरपंच को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया गया है।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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