हौसले बुलंद हों तो पर्वत की ऊंचाइयां भी छोटी नजर आने लगती हैं।
मझौली/जबलपुर
जबलपुर जिले की मझौली तहसील के निवासी 19 वर्षीय वेदांश तिवारी ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। वेदांश ने पश्चिम सिक्किम में स्थित माउंट रेनॉक की 16,500 फीट ऊंची चोटी पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर तिरंगा फहराया है, जिससे पूरे प्रदेश का नाम रोशन हुआ है।
यह साहसिक अभियान ‘हिमालयन माउंटेनरिंग इंस्टिट्यूट’ के नेतृत्व में आयोजित किया गया था। वेदांश ने 19 अप्रैल 2026 को सुबह 11:25 बजे इस चुनौतीपूर्ण चोटी पर विजय प्राप्त की। कंचनजंघा राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में स्थित माउंट रेनॉक अपनी जमी हुई बर्फ, ढीली चट्टानों और दुर्गम चढ़ाई के लिए जाना जाता है। कम उम्र के बावजूद वेदांश ने इन जोखिमों का डटकर सामना किया और अपनी प्रतिभा व साहस का परिचय दिया।
वेदांश तिवारी वर्तमान में इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में अध्ययनरत हैं। उनकी इस सफलता के पीछे उनके माता-पिता का अटूट सहयोग रहा है।
पिता: श्री दिनेश तिवारी माता: श्रीमती विपिन तिवारी
वेदांश बताते हैं कि उन्हें अपने माता-पिता से हमेशा अपेक्षित सहयोग और प्रेरणा मिलती रही है, जिसने उन्हें इस कठिन लक्ष्य को पाने के लिए ऊर्जा दी।
जैसे ही वेदांश की इस उपलब्धि की खबर उनके गृह नगर मझौली पहुँची, वहाँ खुशी का माहौल छा गया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने इसे गौरव का क्षण बताया है। सोशल मीडिया से लेकर व्यक्तिगत रूप से लोग तिवारी परिवार को बधाइयां दे रहे हैं।”वेदांश की यह उपलब्धि केवल एक व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि यह उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो साहसिक खेलों में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं।”




