न्याय में देरी पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का बड़ा फैसला:

राज्य सरकार पर लगाया 10 लाख का जुर्माना, पीड़ित इंजीनियर को मिलेगा मुआवजा

 तकनीकी खामी और जांच में देरी के कारण 16 साल तक कानूनी लड़ाई। पीड़ित: अजय सिंह (ग्वालियर के इंजीनियर)।

कोर्ट का आदेश:राज्य सरकार पीड़ित को 10 लाख रुपये का मुआवजा दे।

  डेढ़ दशक तक निर्दोष व्यक्ति ने मानसिक, सामाजिक और पेशेवर नुकसान झेला।

जबलपुर:

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने न्याय में देरी और लचर प्रशासनिक प्रणाली को लेकर एक ऐतिहासिक और कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने 16 साल पुराने एक मामले में ग्वालियर के इंजीनियर अजय सिंह के पक्ष में फैसला देते हुए राज्य सरकार को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है।

हाईकोर्ट (जबलपुर) ने मामले की सुनवाई करते हुए बेहद तल्ख टिप्पणी की। अदालत ने माना कि तकनीकी खामियों और जांच एजेंसियों की कछुआ चाल के कारण एक निर्दोष व्यक्ति को अपने जीवन के कीमती 15 साल से अधिक का समय मानसिक, सामाजिक और पेशेवर प्रताड़ना में गुजारना पड़ा।

ग्वालियर के रहने वाले इंजीनियर अजय सिंह पिछले 16 वर्षों से एक कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे। उन पर लगे आरोपों की जांच में सिस्टम ने इतनी देरी की कि उनका पूरा करियर और सामाजिक जीवन दांव पर लग गया। आखिरकार, कोर्ट ने पाया कि अजय सिंह पूरी तरह निर्दोष हैं और उन्हें केवल व्यवस्था की लापरवाही के कारण यह दंश झेलना पड़ा

जस्टिस ने मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा कि जांच में अकारण देरी न केवल मानवाधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि यह एक निर्दोष व्यक्ति को जीते जी मार देने जैसा है।

 “तकनीकी खामी और जांच में हुई अत्यधिक देरी के कारण एक निर्दोष नागरिक को डेढ़ दशक तक जो मानसिक और सामाजिक नुकसान उठाना पड़ा है, उसकी पूरी भरपाई तो नहीं की जा सकती, लेकिन राज्य सरकार की जवाबदेही तय करना बेहद जरूरी है।”

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

भविष्य के लिए नजीर बनेगा यह फैसला

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि हाईकोर्ट का यह फैसला उन अधिकारियों और जांच एजेंसियों के लिए एक कड़ा सबक है जो मामलों को सालों-साल लटकाए रखते हैं। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि सिस्टम की सुस्ती की कीमत देश के किसी निर्दोष नागरिक को नहीं चुकानी पड़ेगी।

राज्य सरकार को आदेश दिया गया है कि वह निर्धारित समय सीमा के भीतर मुआवजे की यह राशि (10 लाख रुपये) अजय सिंह को भुगतान करे।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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