देवा श्री ग्राम संगठन और नर्मदा इंटरप्राइजेज पर महाघोटाला

 किसानों की गेहूं चोरी, कमीशनखोरी और गुंडागर्दी का सनसनीखेज पर्दाफाश

मझौली (जबलपुर)

गुप्त सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार तहसील मझौली के अंतर्गत आने वाले गोसलपुर वेयरहाउस स्थित ‘देवा श्री ग्राम संगठन’ और ‘नर्मदा इंटरप्राइजेज गोरहा’ गेहूं खरीदी केंद्र में भ्रष्टाचार, खुलेआम लूट और गुंडागर्दी का एक ऐसा सिंडिकेट सामने आया है, जिसने पूरे प्रशासनिक तंत्र को हिलाकर रख दिया है। खरीदी केंद्र पर कमीशनखोरी और चोरी इस कदर हावी है कि अब तक सैकड़ों किसान भाइयों की गाढ़ी कमाई लूटी जा चुकी है।

हैरान करने वाली बात यह है कि अनुविभागीय अधिकारी (SDO), तहसीलदार सहित सिहोरा क्षेत्र के तमाम आला अधिकारियों को बैठकों में और लिखित रूप से बार-बार शिकायत देने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ मूकदर्शक बनकर तमाशा देख रहे हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि इस पूरे ‘सेटिंग के खेल’ में कहीं न कहीं शासन-प्रशासन की भी मौन सहमति है।

इन किसानों की गेहूं ढेरों से हुई चोरी; हक की लड़ाई लड़ने पर लौटना पड़ा अनाज

खरीदी केंद्र में चल रहे चोरी के संगठित खेल का शिकार कई प्रतिष्ठित किसान हो चुके हैं, जिनके नाम और मामले अब खुलकर सामने आ चुके हैं:

 गुलशन पटेल (नुंजा): इनकी बकायदा खरीदी केंद्र के ढेर से १० क्विंटल गेहूं चोरी करा दी गई थी। जब किसान ने हार नहीं मानी और आर-पार की लड़ाई लड़ी, तब जाकर खरीदी केंद्र संचालकों ने डर के मारे १० क्विंटल गेहूं वापस लौटाया।

 गोकुल पटेल (ग्राम पड़रिया): इनकी गेहूं भी केंद्र से चोरी कराई गई।

 सत्येंद्र पटेल (अमगवां): इनकी फसल पर भी चोर उच्चकों ने हाथ साफ किया।

 बल्लू यादव (मझगवां): इनका अनाज भी इसी शातिर सेटिंग का शिकार हुआ।

इन पीड़ित किसानों से व्यक्तिगत रूप से बात करने पर पता चला है कि केंद्र के भीतर एक सोची-समझी रणनीति के तहत किसानों का अनाज गायब किया जाता है।

आनंद पटेल का दबदबा; झूठी कहानी का हुआ भंडाफोड़

खरीदी केंद्र पर आनंद पटेल नाम के व्यक्ति का पूरा दबदबा और खौफ है। नुंजा निवासी गुलशन पटेल के गेहूं चोरी के मामले को दबाने के लिए आनंद पटेल ने एक झूठी और मनगढ़ंत कहानी रची थी ताकि चोरी को छुपाया जा सके। लेकिन जब सजग नागरिकों और किसानों ने खिरहनी निवासी संदीप पटेल को सबके सामने लाकर खड़ा किया, तो आनंद पटेल के झूठ का भंडाफोड़ हो गया और दूध का दूध व पानी का पानी हो गया।

पूरी गुंडागर्दी के साथ किसानों की लूट, प्रशासन क्यों है मौन?

पीड़ित किसानों और किसान नेताओं का साफ आरोप है कि यह मामूली अव्यवस्था नहीं बल्कि करोड़ों रुपये का घोटाला और संगठित अपराध है। खरीदी केंद्र पर गुंडों को तैनात रखना, विरोध करने पर किसानों को डराना-धमकाना और रसूखदारों के दम पर चोरी को जायज ठहराना, यह साबित करता है कि सिहोरा और मझौली क्षेत्र के अधिकारियों का संरक्षण इन भ्रष्टाचारियों को प्राप्त है।

किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि गोसलपुर वेयरहाउस, देवा श्री ग्राम संगठन और नर्मदा इंटरप्राइजेज गोरहा के इस पूरे घोटाले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच नहीं हुई और आनंद पटेल सहित अन्य दोषियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की गई, तो क्षेत्र का समस्त किसान वर्ग उग्र आंदोलन के लिए विवश होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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