जबलपुर जिले के समीपवर्ती क्षेत्र इंद्राना (कापा) में सोमवार से सात दिवसीय श्रीराम महायज्ञ एवं श्रीराम कथा का भव्य शुभारंभ हुआ।
मझौली/इंद्राना
भक्ति और श्रद्धा के अनूठे संगम के साथ शुरू हुए इस आयोजन ने इंद्राना को ‘धर्मधानी’ के रूप में परिवर्तित कर दिया है। आयोजन के पहले दिन निकली विशाल कलश शोभायात्रा आकर्षण का केंद्र रही, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़े।
पीतांबर धारी 1100 महिलाओं ने रचा इतिहास
कार्यक्रम की शुरुआत गुरुदेव लोढ़ा पहाड़ महाराज के पावन सानिध्य में हुई। शोभायात्रा में इंद्राना, कापा सहित आसपास के दर्जनों गांवों की लगभग 1100 महिलाएँ पीले वस्त्र धारण कर शामिल हुईं। सिर पर मंगल कलश लेकर भक्ति गीतों पर झूमते हुए इन महिलाओं ने विशाल यज्ञशाला की तीन परिक्रमाएं कीं, जिसके साथ ही धार्मिक अनुष्ठानों का विधिवत प्रारंभ हुआ।
108 हवन कुंडों में दी जाएगी आहुतियां
श्री श्री बाल संत सिद्धन धाम लोढ़ा पहाड़ महाराज (सिहोरा) के मार्गदर्शन में आयोजित इस महायज्ञ के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। यज्ञ स्थल पर 108 हवन कुंडों वाली विशाल यज्ञशाला बनाई गई है। इसके साथ ही श्रीराम कथा और विशाल भंडारे के लिए अलग-अलग भव्य पंडाल सजाए गए हैं, जहाँ सात दिनों तक भक्ति की अविरल धारा बहेगी।
मनमोहक झांकियों ने मोहा मन
कलश यात्रा के दौरान भगवान शिव-पार्वती, प्रभु श्रीराम, हनुमान जी और गुरुदेव की जीवंत व मनमोहक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। गाजे-बाजे और धार्मिक जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा
इस धार्मिक महाकुंभ में केवल स्थानीय निवासी ही नहीं, बल्कि आसपास के लगभग 100 गांवों से हजारों श्रद्धालु पहुंचे हैं। ग्रामीणों का सहयोग और उत्साह इस आयोजन को ऐतिहासिक बना रहा है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि इतने विशाल स्तर पर धार्मिक आयोजन से पूरे क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा और भाईचारे का संचार हो रहा है।
मार्गदर्शन: श्री श्री बाल संत सिद्धन धाम लोढ़ा पहाड़ महाराज।
विशेषता:108 हवन कुंड और 1100 कलशधारी महिलाएं।
अवधि:सात दिवसीय श्रीराम महायज्ञ एवं कथा।




