• 2 होनहारों की मौत के बाद एक्शन मोड में जिला प्रशासन, हाईटेंशन लाइनों के तत्काल ऑडिट का फरमान

मझौली विसर्जन त्रासदी पर गरमाया प्रशासनिक महकमा: कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने जताया गहरा दुख, बोले— ‘लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही, दोबारा न हो ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति’

• विसर्जन मार्गों पर लटकते तारों को युद्धस्तर पर दुरुस्त करने के निर्देश, ढिलाई पर नपेंगे अधिकारी

• एसडीएम, तहसीलदार और एमपीईबी को संयुक्त मैदानी जांच के आदेश; सुरक्षा मानकों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं

मझौली (जबलपुर)

मझौली में प्रतिमा विसर्जन के दौरान 11 केवी हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आने से दो नवयुवकों की दर्दनाक मौत और 10 से अधिक श्रद्धालुओं के झुलसने की हृदयविदारक घटना को जबलपुर जिला प्रशासन ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। घटना के बाद उपजे जनाक्रोश और उठते गंभीर सवालों के बीच कलेक्टर श्री अरुण कुमार विश्वकर्मा ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त की हैं। कलेक्टर ने प्रशासनिक अमले और विद्युत विभाग को दो-टूक चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया है कि सुरक्षा में रत्ती भर भी चूक अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिले भर में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।

‘श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, लापरवाही अक्षम्य’: कलेक्टर

कलेक्टर श्री अरुण कुमार विश्वकर्मा ने मझौली हादसे को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए कहा कि त्योहारों और धार्मिक आयोजनों में आमजन की सुरक्षा सर्वोपरि है। मझौली की घटना यह साबित करती है कि मैदानी स्तर पर सुरक्षा समन्वय में कहीं न कहीं गंभीर चूक हुई है, जिसकी जवाबदेही तय की जाएगी।

कलेक्टर ने जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदारों, पुलिस अधिकारियों और मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (एमपीईबी) के इंजीनियरों की आपात जवाबदेही तय करते हुए कड़े निर्देश जारी किए:

 * लटकते तारों का तत्काल सफाया: विसर्जन मार्गों, प्रमुख चौराहों और घनी बस्तियों के ऊपर से गुजरने वाली सभी हाईटेंशन व लो-टेंशन विद्युत लाइनों का 24 घंटे के भीतर तकनीकी मुआयना किया जाए। जहां भी तार खतरनाक ढंग से लटके या ढीले पाए जाएं, उन्हें तुरंत दुरुस्त किया जाए।

 * जुलूस के दौरान टेक्निकल टीम की तैनाती: भविष्य में किसी भी बड़े धार्मिक, सामाजिक या विसर्जन जुलूस के दौरान बिजली विभाग का तकनीकी अमला और लाइनमैन अनिवार्य रूप से रूट पर अलर्ट मोड में तैनात रहेगा, ताकि किसी भी अप्रत्याशित खतरे को पहले ही भांपकर बिजली आपूर्ति नियंत्रित की जा सके।

 * मैदानी समन्वय अनिवार्य: प्रशासन, पुलिस और विद्युत विभाग संयुक्त रूप से विसर्जन रूट का पहले भौतिक सत्यापन करेंगे, उसके बाद ही वाहनों की तय ऊंचाई के साथ अनुमति दी जाएगी।

सुरक्षा ऑडिट के कड़े आदेश, नपेंगे दोषी अधिकारी

कलेक्टर ने सभी राजस्व और पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने अनुभागों में बिजली लाइनों और सार्वजनिक सुरक्षा का ‘सेफ्टी ऑडिट’ कराएं। यदि किसी क्षेत्र में लटकते तारों की पूर्व शिकायत के बावजूद सुधार नहीं हुआ पाया गया, तो संबंधित क्षेत्र के लाइनमैन, कनिष्ठ यंत्री (जेई) और कार्यपालन यंत्री के खिलाफ सीधे दंडात्मक और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

आदेशों का धरातल पर क्रियान्वयन चाहती है जनता

इधर, कलेक्टर के सख्त रुख के बाद बिजली विभाग और स्थानीय प्रशासन के अमले में हड़कंप मच गया है। हालांकि, शोकाकुल परिजनों और मझौली के नागरिकों का कहना है कि प्रशासन के निर्देश केवल कागजों और बयानों तक सीमित न रहें। जनता का साफ कहना है कि जब तक विद्युत विभाग के लापरवाह मैदानी अमले पर गैर-इरादतन हत्या की धाराओं में सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं होगी और ढीले तारों की स्थायी मरम्मत नहीं होगी, तब तक सुरक्षा का भरोसा नहीं लौटेगा।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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