मरीजों की जान से खिलवाड़ पर CMHO का हंटर: जबलपुर में निजी एंबुलेंसों पर कसा शिकंजा, ‘108’ की तर्ज पर पंजीयन और मासिक ऑडिट अनिवार्य

 खाली ऑक्सीजन सिलेंडर और अप्रशिक्षित स्टाफ के सहारे नहीं चलेंगी ‘चलता-फिरता ICU’ कही जाने वाली गाड़ियां

— 7 दिनों के भीतर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में कराना होगा भौतिक सत्यापन, लापरवाही पर होगी दंडात्मक कार्रवाई

जबलपुर

जबलपुर जिले में निजी एंबुलेंस सेवाओं के नाम पर मरीजों की जान से हो रहे खिलवाड़ पर स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा प्रहार किया है। गंभीर मरीजों से मनमाना किराया वसूलने और जीवन रक्षक उपकरणों के नाम पर खानापूर्ति करने वाली निजी एंबुलेंसों पर नकेल कसने के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. नवीन कोठारी ने सख्त आदेश जारी किए हैं। अब शहर में संचालित हर निजी एंबुलेंस को सरकारी ‘108’ एंबुलेंस सेवा के कड़े मानकों पर खरा उतरना होगा। स्वास्थ्य विभाग ने सभी संचालकों को पंजीयन और सत्यापन के लिए ठीक सात दिन का अल्टीमेटम दिया है।

केवल नाम के ‘वेंटिलेटर’, सिलेंडरों में हवा नदारद

विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि निजी एंबुलेंस संचालक खुद को ‘हाई-टेक’ और ‘एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट’ बताकर गंभीर मरीजों को ले जाते हैं, लेकिन मौके पर बुनियादी जीवन रक्षक सुविधाएं तक नहीं मिलतीं। कई मामलों में आपात स्थिति के दौरान ऑक्सीजन सिलेंडर खाली पाए गए, वेंटिलेटर महज दिखावे के डिब्बे साबित हुए और उन्हें संचालित करने वाले न तो डिग्रीधारी थे और न ही तकनीकी रूप से प्रशिक्षित। इस गंभीर लापरवाही को संज्ञान में लेते हुए प्रशासन ने व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त करने का फैसला लिया है।

ALS और BLS श्रेणियों में तय होंगे कड़े पैमाने

नए निर्देश के तहत जिले की समस्त निजी एंबुलेंसों को उनकी सुविधाओं और तकनीकी उपकरणों के आधार पर दो श्रेणियों में परखा जाएगा:

 * ALS (Advanced Life Support): इसमें पूर्णतः क्रियाशील वेंटिलेटर, डिफाइब्रिलेटर, मॉनिटर और प्रमाणित प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ की मौजूदगी अनिवार्य होगी।

 * BLS (Basic Life Support): इसमें प्राथमिक उपचार किट, पूर्ण रूप से भरे ऑक्सीजन सिलेंडर और प्रशिक्षित फर्स्ट-ऐड स्टाफ का होना अनिवार्य होगा।

सभी संचालकों को आगामी एक सप्ताह के भीतर CMHO कार्यालय में उपस्थित होकर अपनी गाड़ियों का भौतिक सत्यापन कराना होगा। जांच में सही पाए जाने पर ही उन्हें संचालन का विधिवत पंजीयन प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा।

‘108′ की तरह हर महीने होगा कड़ा ऑडिट

जिला मीडिया अधिकारी अजय कुरील ने बताया कि यह व्यवस्था केवल एक बार के पंजीयन तक सीमित नहीं रहेगी। जिस प्रकार सरकारी ‘108’ एंबुलेंसों की हर महीने तकनीकी और चिकित्सीय ऑडिट की जाती है, ठीक उसी तर्ज पर अब हर निजी एंबुलेंस का भी प्रतिमाह सघन ऑडिट होगा। इसमें उपकरणों की कार्यक्षमता, सिलेंडरों की एक्सपायरी व रीफिलिंग और ऑन-ड्यूटी स्टाफ के दस्तावेजों की नियमित जांच की जाएगी।

 सीधी चेतावनी: तय 7 दिनों के भीतर जिन संचालकों ने अपनी एंबुलेंस का भौतिक सत्यापन और पंजीयन नहीं कराया, उनके खिलाफ नियमानुसार एंबुलेंस जब्त करने और लाइसेंस निरस्त करने जैसी कठोर दंडात्मक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मरीज की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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