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Saturday, February 28, 2026

भगवान श्रीराम के जीवन में मिलते हैं जटिल प्रश्नों के उत्तर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

अंतर्राष्ट्रीय रामायण सम्मेलन है बहुआयामी जबलपुर में अंतर्राष्ट्रीय रामायण सम्मेलन को जनप्रतिनिधियों सहित स्वामी रामभद्राचार्य ने भी किया संबोधित

जबलपुर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के जीवन को देखें तो अनेक जटिल प्रश्नों के उत्तर आसानी से मिल जाते हैं। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के माध्यम से दुनिया में भारत का नाम है। जहां अंधेरा है, वहां प्रकाश फैलाना ही सनातन संस्कृति है। इसी भाव से हमारे आदर्श भगवान श्रीराम ने लाखों वर्ष पहले अन्याय और अत्याचार की समाप्ति के लिए कार्य किया। वैसे तो भारतीय सनातन संस्कृति में 33 करोड़ देवी-देवताओं का उल्लेख है, लेकिन भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण से पूरे विश्व में भारत की पहचान बनी। ऐसे ऐतिहासिक आधार के कारण भारत विश्व गुरू की संज्ञा प्राप्त करता रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को जबलपुर में अंतर्राष्ट्रीय रामायण सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रामायण काल में महर्षि विश्वामित्र श्रीराम और लक्ष्मण को अपने साथ ले गए और संतों के यज्ञ में बाधा डालने वाले असुरों का अंत कराया। भगवान श्रीराम ने अपनी बुद्धि, पराक्रम के बल पर राजा जनक के दरबार में स्वयंवर जीता। भगवान श्रीराम ने निषादराज और शबरी माता के प्रसंगों से मित्रता एवं प्रेम का संदेश दिया है। राम राज्य का स्मरण करने से जीवन में कठिन से कठिन समय दूर हो जाता है। लगभग 550 वर्ष के संघर्ष के बाद अयोध्या में श्रीराम का भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है। महाराज रामभद्राचार्य की तर्क शक्ति से अयोध्या में राम मंदिर बनाने का मार्ग प्रशस्त हुआ।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जबलपुर जाबालि ऋषि की पावन भूमि है, यहां अंतर्राष्ट्रीय आयोजन होना उल्लेखनीय है। नर्मदा मैया और प्रकृति की लीला भी यहां देखने को मिलती है, जब काले पत्थर भी उज्ज्वल और धवल स्वरूप में संगमरमर के रूप में दिखाई देते हैं। प्रकांड विद्वान स्वामी रामभद्राचार्य जी का आशीर्वाद इस सम्मेलन को प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश सरकार की तरफ से इस सम्मेलन में पधारे देश-विदेश के प्रतिनिधियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।

केंद्रीय मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि ऋषि जाबाली की पावन भूमि- जबलपुर में वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस का यह आयोजन अद्भत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव डबल इंजन की सरकार में प्रदेश में सुशासन और राम राज्य स्थापित करने की ओर बढ़ रहे हैं। भारतीय संस्कृति को मिटाने के लिए हजारों सालों तक प्रयास हुए। कुछ बात है जो हस्ती मिटती नहीं हमारी। सनातन संस्कृति का संरक्षण संतों के कारण ही संभव हो पाया है। वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस में देश-दुनिया के आए 120 विद्वानों के व्याख्यान आयोजित होंगे। यहां के श्रीराम भक्तों ने 28 हजार से अधिक सुंदरकांड के पाठ किए। श्रीराम की महिमा दुनिया के कोने-कोने में है। तुलसीदास जी ने सरल भाषा में रामायण के माध्यम से भगवान श्रीराम के चरित्र से दुनिया को परिचित किया। इसी कारण आज जन-जन में सनातन का प्रवाह हो रहा है। आज सांस्कृतिक पुनर्जागरण के कालखंड में सनातन के मूल्य दुनिया में स्थापित हो रहे हैं। लेकिन इसी के साथ भारत विरोधी ताकतें डिजिटल माध्यमों के जरिए सनातन और भारतीय संस्कृति को बदनाम करने का षड्यंत्र कर रही हैं। हमारे युवा श्रीराम के आदर्शों को जीवन में उतारें और रामायण के ब्रांड एम्बेसडर बनें। यह आयोजन जबलपुर से निकलकर देश के दूसरे शहरों तक पहुंचना चाहिए।

स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने पुत्र का विवाह सामूहिक विवाह सम्मेलन में किया है। उनके बेटा-बहू नर्मदा यात्रा पर निकले हैं। वे सभी बधाई के पात्र हैं। राम शब्द में रा का अर्थ है राष्ट्र और म का अर्थ है मंगल अर्थात् जिसके द्वारा राष्ट्र का मंगल होता है, उसका नाम राम है। स्वामी रामभद्राचार्य जी ने सुझाव दिया कि वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस की सफलता इसी में है कि रामायण को राष्ट्र ग्रंथ घोषित कर दिया जाए। पहलगाम की घटना के बाद दुष्टों को दंड देने के उपयोगी सुझाव पर अमल किया गया और उन्हें दंडित किया गया, जिन्होंने हमें क्षति पहुंचाई। रामायण में लिखा है कि भय बिना प्रीति नहीं होती है। अब हमारा नारा ओम शांति, शांति नहीं ओम क्रांति-क्रांति होना चाहिए। महात्मा गांधी ने भी अपने कीर्तन ‘रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीताराम’ को रामचरित मानस से लिया था। विधायक श्री अजय विश्नोई ने रामायण सम्मेलन के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह यात्रा 2004 से शुरू हुई, जो बहुआयामी है। इसमें 25 सेशन होंगे, जिसमें देश-विदेश के 60 वक्ता अपने विचार रखेंगे।

इस अवसर पर डॉ. अखिलेश गुमाश्ता की जापानी भाषा हायकू में लिखी कृति का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भावसिंह लोधी, सांसद श्री आशीष दुबे, विधायक श्री अभिलाष पांडे, विधायक श्री अशोक रोहाणी, सहित अनेक विद्वान और रामभक्त गणमान्यजन उपस्थित थे।

सुंदरलाल बर्मन
सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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