2018 के बाद से बिना नवीनीकरण कौन चला रहा समूह? शिक्षकों तक को भनक नहीं, संरक्षण पर उठे सवाल

दहशत में बच्चों ने छोड़ा मध्याह्न भोजन, भूखे पेट घर लौटे; कुंभकर्णी नींद में सोया महकमा

  कलेक्टर तक शिकायत के बाद भी लीपापोती; पालकों ने दी चेतावनी—अनहोनी हुई तो प्रशासन होगा जिम्मेदार

मझौली (जबलपुर)।

शासकीय माध्यमिक शाला हरदुआ कला (डाईस कोड: 23390303302) में बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ खुलेआम खिलवाड़ का रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। विद्यालय में परोसे गए मध्याह्न भोजन (MDM) की सब्जी में जिंदा इल्ली (कीड़ा) मिलने से हड़कंप मच गया। स्थिति इतनी गंभीर थी कि किसी भी छात्र ने भोजन को हाथ तक नहीं लगाया। नौनिहाल थाली छोड़कर भूखे पेट घर जाने को मजबूर हो गए। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह लापरवाही पहली बार नहीं, बल्कि सातवीं बार सामने आई है, फिर भी जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं।

2018 के बाद से रिन्यूअल नहीं, फिर किसके आदेश पर चल रहा अवैध समूह?

शासकीय गाइडलाइन के मुताबिक एमडीएम का संचालन करने वाले स्व-सहायता समूह का अनुबंध हर 3 वर्ष में नवीनीकृत या परिवर्तित होना अनिवार्य है। हरदुआ कला स्कूल में नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं:

 * समूह का मूल अनुबंध वर्ष 2018 में हुआ था, जिसकी मियाद वर्षों पहले खत्म हो चुकी है।

 * नियमों को ताक पर रखकर 2018 से आज तक वही पुराना समूह बिना किसी वैध अनुबंध के भोजन परोस रहा है।

 * यह समूह किसके मौखिक फरमान, राजनीतिक संरक्षण या अंदरूनी सांठगांठ से संचालित हो रहा है, इसकी भनक स्कूल के शिक्षकों तक को नहीं है।

फाइलों में दबीं शिकायतें, साठगांठ के चलते कार्रवाई शून्य

अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, समूह संचालक और स्थानीय स्तर के कुछ रसूखदारों के बीच गहरी मिलीभगत है। इसी संरक्षण के चलते शिकायतों के बावजूद हर बार फाइलें दबा दी जाती हैं। स्कूल प्रबंधन द्वारा जनपद पंचायत, जिला पंचायत से लेकर कलेक्टर जबलपुर तक लिखित शिकायतें भेजी जा चुकी हैं, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात रहा। प्रशासनिक स्तर पर बरती जा रही यह आपराधिक चुप्पी सीधे तौर पर भ्रष्ट तंत्र को उजागर करती है।

पालकों का फूटा गुस्सा: ‘बच्चा बीमार पड़ा तो प्रशासन पर होगी सीधी जवाबदेही‘

लगातार सातवीं बार दूषित भोजन मिलने से आक्रोशित पालकों और शिक्षकों ने दो-टूक कहा है कि यदि सड़े-गले भोजन के सेवन से किसी बच्चे को फूड पॉइजनिंग, उल्टी-दस्त या गंभीर संक्रमण होता है, तो उसकी पूरी कानूनी व प्रशासनिक जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

ये हैं प्रमुख मांगें:

 * तत्काल अनुबंध निरस्त: बच्चों के जीवन से खिलवाड़ करने वाले इस अवैध समूह को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए।

 * आपराधिक प्रकरण (FIR) दर्ज: मासूमों को जहरीला भोजन परोसने और फर्जीवाड़े के तहत समूह संचालकों के खिलाफ कानूनी धाराओं में मामला दर्ज हो।

 * संरक्षण देने वालों की जांच: एक्सपायर्ड समूह को वर्षों से बैकडोर सपोर्ट देने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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